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नए फ़लस्तीनी सुरक्षा प्रमुख का विरोध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी प्रशासन के नए सुरक्षा प्रमुख ने कार्यभार संभाल लिया है लेकिन चरमपंथी संगठन उनके इस्तीफ़े की माँग कर रहे हैं. इस विरोध के चलते रविवार को दूसरे दिन चरमपंथियों और सैन्य ख़ुफ़िया कर्मियों के बीच गोलीबारी हुई है. शनिवार की रात भी चरमपंथी संगठन अक़्स के सदस्यों ने सुरक्षा चौकियों पर हमला किया और समाचार मिला है कि गोलीबारी में 12 लोग घायल हो गए हैं. इस संगठन के सदस्यों ने फ़लस्तीनी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात के सुरक्षा सेवाओं में फेरबदल करने के बाद पूरी गज़ा पट्टी में विरोध प्रदर्शन हुए थे. संकट उधर पिछले दिनों गज़ा पट्टी में अराजकता के माहौल के बाद राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई है. पहले वहाँ अपहरण की घटनाएँ हुईं जिसमें पुलिस प्रमुख का भी अपहरण कर लिया गया था. फिर फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने इस्तीफ़े की पेशकश की थी, जिसे राष्ट्रपति यासिर अराफ़ात ने ठुकरा दिया था. इन सब घटनाक्रमों के बाद आख़िर यासिर अराफ़ात ने सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक फ़ेरबदल की घोषणा की थी. इसी के तहत उन्होंने अपने रिश्तेदार मूसा अराफ़ात को सुरक्षा प्रमुख बना दिया था. |
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