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शेरॉन की ग़ज़ा योजना को मंजूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की ग़ज़ा से सेना की वापसी के बारे में विवादित योजना को सिद्धांत तौर पर मंज़ूरी दे दी है. मंत्रिमंडल में 14 मंत्री योजना के पक्ष में थे और सात उसके ख़िलाफ़ थे. लेकिन मंत्रिमंडल ने गज़ा से इसराइली बस्तियों को हटाने के बारे में फ़ैसला स्थगित कर दिया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इससे प्रधानमंत्री शेरॉन सत्ताधारी गठबंधन में एकता बनाकर रख सकेंगे क्योंकि इसराइली बस्तियाँ हटाने का कोई ऐतिहासिक फ़ैसला नहीं लिया गया है. लेकिन इसके लिए प्रधानमंत्री शेरान को दो मंत्रियों को बर्ख़ास्त करना पड़ा. प्रधानमंत्री शेरॉन का कहना था कि सन 2005 के अंत तक गज़ा में यहूदी बस्तियाँ हटा ली जाएँगी. लेकिन मंत्रिमंडल में मतदान से पहले इसराइली रेडियो के अनुसार प्रस्ताव में गज़ा से बस्तियाँ हटाने के ज़िक्र को निकाल दिया गया. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के समर्थन के बावजूद प्रधानमंत्री शेरॉन के मूल प्रस्ताव के सुझावों को सत्ताधारी लिकुद पार्टी के सदस्यों ने ख़ारिज कर दिया था. लेकिन सर्वेक्षणों से पता चला है कि इसराइल की अधिकतर जनता योजना का समर्थन करती है जिसके तहत गज़ा से यहूदी बस्तियों को हटाया जाना है. शनिवार को इसराइल में हज़ारों लोगों ने मार्च किया और योजना के प्रति अपना समर्थन जताया. |
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