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रफ़ा में फिर इसराइली कार्रवाई की तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सेना ने कहा है कि गज़ा के रफ़ा शरणार्थी शिविर में उनकी कार्रवाई फिर शुरू होगी जिसके लिए वे बिल्कुल तैयार बैठे हैं. सैनिक अधिकारियों ने कहा है कि वहाँ पिछले छह दिनों से जारी कार्रवाई रोक दी गई थी मगर ऑपरेशन रेनबो नाम की ये कार्रवाई टैंकों और बुलडोज़रों के साथ फिर शुरू की जाएगी. इसराइल का कहना है कि ये कार्रवाई फ़लस्तीनी चरमपंथियों को निशाना बनाने के लिए की गई थी ताकि हथियारों की तस्करी के ताने-बाने को समाप्त किया जा सके. इसराइली सेना की इस कार्रवाई में सात फ़लस्तीनी मारे गए थे. तेल अवीव में इसराइली सेना के एक कमांडर सेमुएल ज़कई ने कहा कि बताया कि रफ़ा में इस अभियान में 41 फ़लस्तीनी चरमपंथियों को मारा गया और 56 फ़लस्तीनी घर गिराए गए. उधर फ़लस्तीनियों का कहना है कि इसराइली कार्रवाई में सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं. उन्होंने कहा है कि इसराइल की यह कार्रवाई एक आपराधिक आक्रमण है. चिंता रफ़ा में इसराइली कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय जगत और इसराइल में भी चिंता जताई गई थी. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि रफ़ा में इसराइली कार्रवाई के कारण एक हज़ार से भी अधिक फ़लस्तीनी बेघर हो गए. फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करनेवाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने कहा है कि कार्रवाई में 180 घर तोड़े गए. मगर इसराइली सेना का कहना है कि उन्होंने केवल 56 घरों पर हमला कर उन्हें नष्ट किया. इसराइली अधिकारियों ने कार्रवाई में आम लोगों के मारे जाने पर अफ़सोस प्रकट किया है और कहा है कि सेना चरमपंथियों को निशाना बना रही थी ना कि आम लोगों को. |
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