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सुरक्षा बलों को दुरुस्त करने की कोशिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग़ज़ा में अपहरण की घटनाओं के एक दिन बाद अब फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात ने सुरक्षा बलों को दुरुस्त करने की कोशिश की है. इस बीच प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने इस्तीफ़ा देने की पेशकश की जिसे अराफ़ात ने ख़ारिज कर दिया. सुरक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के तहत अब आठ शाखाओं की जगह सिर्फ़ तीन शाखाएँ ही होंगी. उनकी जगह नए सुरक्षा प्रमुख की नियुक्ति हुई है. अराफ़ात ने पुलिस प्रमुख को भी बर्ख़ास्त कर दिया है. अराफ़ात से अंतरराष्ट्रीय जगत की हमेशा से ही माँग रही है कि वे सुरक्षा बलों में सुधार करें. ग़ज़ा में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है. इस बीच फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री क़ुरई ने इस्तीफ़ा देने की पेशकश करने से पहले सरकार की प्रतिक्रिया और भविष्य को लेकर आपात बैठक बुलाई थी. क़ुरई ने सुरक्षा की स्थिति को ज़बरदस्त तरीक़े से विध्वंसक बताया. उधर वार्ताकार मंत्री साएब एराकात का कहना है कि क़ुरई के इस्तीफ़े की पेशकश फ़लस्तीनी नेता अराफ़ात ने ख़ारिज कर दी है. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने अराफ़ात के सहयोगी नबील अबू रुदैना के हवाले से कहा कि अराफ़ात ने तुरंत प्रभाव से सुरक्षा बलों को पुलिस, आम सुरक्षा और ख़ुफ़िया सेवा तक सीमित कर देने के लिए कहा है. अराफ़ात ने अपने भतीजे मूसा को सभी सुरक्षा बलों का प्रभारी नियुक्त किया है. ग़ज़ा पुलिस प्रमुख ग़ाज़ी जबाली की जगह मेजर जनरल साएब अल अजीज़ को नियुक्त किया गया है. अराफ़ात ने फ़लस्तीनी ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख अमीन हिंदी को फिर से नियुक्त कर दिया है. |
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