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इसराइल की सुरक्षा दीवार पर महत्वपूर्ण फ़ैसला आज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिमी तट में इसराइल की सुरक्षा दीवार पर हेग की अंतरराष्ट्रीय अदालत आज फ़ैसला सुनाएगी. एक लीक हुई रिपोर्ट से यह संकेत मिला है कि अदालत का फ़ैसला इसराइल के ख़िलाफ़ जा सकता है. ऐसी जानकारी भी मिली है कि इसराइल से इस दीवार को हटाने के लिए कहा जाएगा. इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार अदालत संयुक्त राष्ट्र से इस मामले पर विचार करने को कह सकती है कि इस स्थिति में आगे क्या करना है. अंतरराष्ट्रीय अदालत कई महीने की चर्चा के बाद इसराइल की ओर से बनाई जा रही सुरक्षा दीवार के बारे में शुक्रवार को अपना निर्णय सुनाने जा रही है. इसराइल का कहना है कि दीवार बनाना इसलिए ज़रूरी है ताकि फ़लस्तीनी चरमपंथियों के हमलों को रोका जा सके. लेकिन फ़लस्तीनी इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि ये दीवार न केवल उनकी ज़मीन पर बनाई जा रही है बल्कि इससे फ़लस्तीनी लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं और वे एक-दूसरे से अलग भी हो सकते हैं. एक इसराइली अख़बार ने भी कहा है कि न्यायालय दीवार को अवैध ठहरा सकता है और उसे हटाने के लिए कह सकता है. अख़बार के अनुसार उसे ऐसे दस्तावेज़ मिले हैं जिनके अनुसार न्यायाधीशों ने 14-1 से मत दिया कि दीवार बनाने से फ़लस्तीनियों के अधिकारों का हनन होता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय से इस विषय में फ़ैसला करने को कहा था. लेकिन इसराइल के लिए अनिवार्य नहीं है कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश का पालन करे. इससे पहले इसराइल के हाई कोर्ट ने सरकार को पश्चिमी तट में बन रही सुरक्षा दीवार का रास्ता बदलने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट का कहना था कि सुरक्षा दीवार के कारण फ़लस्तीनियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. |
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