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फ़लस्तीनी पुलिस प्रमुख को रिहा किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी पुलिस प्रमुख को कुछ घंटे तक अगवा रखने के बाद छोड़ दिया है. बंदूकधारियों ने गज़ा शहर में पुलिस प्रमुख ग़ाज़ी जबाली के काफ़िले पर हमला किया और गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं. हमलावर जबाली को एक शरणार्थी शिविर में ले गए. इसके बाद फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात के संगठन फ़तह आँदोलन के एक नेता ने उनकी रिहाई के लिए बातचीत शुरू की. एक फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट जेनिन मार्टर्स ब्रिगेड ने दावा किया है कि इस अपहरण में उनका हाथ है. इस गुट के बारे में अधिक जानकारी नहीं है. उसने ये नहीं बताया है कि पुलिस प्रमुख को अगवा क्यों किया गया. गज़ा स्थित बीबीसी संवाददाता एलेन जॉन्सटन का कहना है कि पिछले कुछ समय से ये स्पष्ट था कि गज़ा में जबाली के कुछ ऐसे शत्रु हैं जो ताक़तवर हैं. कुछ महीने पहले भी उनपर चरमपंथियों ने हमला किया था औऱ इसके बाद उनके एक घर पर भी हमला हुआ. संवाददाताओं का कहना है कि पुलिस प्रमुख के तौर पर उनका काम आसान नहीं था और उनको एक ऐसे समाज में व्यवस्था संभालनी थी जहाँ का समाज उपद्रवी समझा जाता है. इसके ऊपर गज़ा पट्टी में कई फ़लस्तीनी ऐसा मानते हैं कि अन्य फ़लस्तीनी अधिकारियों की तरह जबाली भी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. |
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