|
शेरॉन ने शिमॉन को न्यौता दिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने विपक्षी लेबर पार्टी के नेता शिमोन पेरोज़ को एक गठबंधन सरकार के गठन के लिए बातचीत शुरू करने का न्यौता दिया है. एक शिमॉन पेरेज़ सरकार में शामिल हो जाते हैं तो फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी से इसराइली बस्तियों को पूरी तरह हटाना का रास्ता साफ़ हो सकता है. अभी अरियल शेरॉन की लिकुड पार्टी ग़ज़ा पट्टी से इसराइली बस्तियाँ हटाने का विरोध कर रही है और शेरॉन को अपनी यह योजना लागू करने के लिए विपक्ष के समर्थन की ज़रूरत पड़ेगी. अरियल शेरॉन और शिमॉन पेरेज़ ने सोमवार को सुबह इस बारे में बातचीत की और गठबंधन बनाने के बारे में अपनी-अपनी पार्टियों से बातचीत करने के बाद फिर से मिलने के लिए राज़ी हुए. बीबीसी के मध्य पूर्व संवाददाता का कहना है कि गठबंधन सरकार बनाना इतना आसान नहीं है और इस बारे में लंबी बातचीत के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शिमॉन पेरेज़ गठबंधन सरकार मेंमहत्वपूर्ण स्थिति चाहते हैं. इतना ही नहीं लेबर पार्टी ख़ुद ऐसी बहुत सी चीज़ों की फ़रमाइश कर सकती है जिन्हें मानना शेरॉन के लिए मुश्किल काम हो सकता है. लेबर पार्टी की माँगे है कि ग़ज़ा पट्टी से जल्द इसराइली बस्तियों को हटाना, पश्चिमी तट से भी इसराइल का क़ब्ज़ा हटाना और फ़लस्तीनियों के साथ बातचीत करना. ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने रविवार को आदेश दिया था कि पश्चिमी तट पर बनाई जा रही 'सुरक्षा दीवार' का काम जारी रखा जाए. ये आदेश अंतरराष्ट्रीय अदालत के उस फ़ैसले के बावजूद दिया गया जिसमें इस दीवार के निर्माण को अवैध क़रार दिया गया था. जाँच इस बीच इसराइली सेना ने कहा ह कि वह उन ख़बरों की जाँच-पड़ताल कर रही है जिसमें कहा गया है कि ग़ज़ा पट्टी में एक विकलांग फ़लस्तीनी इसराइली सेना के बुलडोज़रों के नीचे कुचला गया.
फ़लस्तीनियों का कहना है कि यह मौत उस वक़्त हुई जब 70 वर्षीय एक विकलांग व्हीलचेयर पर बैठा था लेकिन जब इसराइली टैंकों और बुलडोज़रों से उसका घर गिराना शुरू किया तो वह भी उसी में दब गया. उसकी बेटी ने बीबीसी को बताया कि उसने इसराइली सैनिकों से गुहार लगाई थी कि अपने विकलांग पिता को घर से निकालने के लिए कुछ और समय चाहिए लेकिन उसकी चीख़ें नहीं सुनी गईं और घर गिरा दिया गया. उधर इसराइली सेना का कहना है कि उसका अभियान उन घरों को गिराने के लिए चलाया जा रहा है जिनमें से इसराइलियों पर हमले होते हैं. सेना ने कहा है कि जहाँ घर गिराए गए उनमें ज़्यादातर ख़ाली पड़े थे और उनमें कोई नहीं रह रहा था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||