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इराक़ के लिए नई सुरक्षा सेवा की घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने देश में पिछले 15 महीनों से जारी चरमपंथियों की हिंसा की रोकने के लिए एक नई सुरक्षा सेवा गठित करने की योजना बनाई है. उनके शब्दों में यह नई एजेंसी चरमपंथी गुटों को मिटा देगी. अलावी ने कहा कि देश में सुरक्षा की स्थिति बेहतर हो रही है मगर इराक़ में स्थिरता लाने का काम लंबा और चुनौतीपूर्ण होगा. पिछले सप्ताह इराक़ की अंतरिम सरकार ने एक नया क़ानून बनाया था जिसके तहत प्रधानमंत्री को मार्शल लॉ लागू करने और कर्फ़्यू लगाने जैसे अधिकार दे दिए गए. ईयाद अलावी ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, मोरक्को और मिस्र से अनुरोध किया है कि वे अपने सैनिक इराक़ भेजें. इससे पहले इराक़ के पश्चिम स्थिति शहर हदीथा में एक कार बम धमाका हुआ जिसमें 10 लोग मारे गए और 30 अन्य घायल हो गए. ऐसा माना जा रहा है कि हमले का निशाना शहर में पुलिस मुख्यालय थी मगर जो लोग मारे गए वे सभी आम नागरिक हैं. इसके अलावा दक्षिणी इराक़ में कर्बला शहर में भी एक कार बम फटा जिसमें दो लोग मारे गए. उत्तरी और दक्षिणी इराक़ में तेल पाइपलाइनों पर भी मोर्टारों से हमले किए गए. |
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