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चरमपंथियों के आगे झुकी सऊदी कंपनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी चरमपंथियों की माँग के आगे झुकते हुए सऊदी अरब की एक कंपनी ने इराक़ छोड़ने का फ़ैसला किया है. इस कंपनी के एक कर्मचारी का इन चरमपंथियों ने अपहरण कर लिया है. कर्मचारी मिस्र का रहने वाला है. कंपनी के प्रमुख फ़ैसल अल नेहियत ने अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा को बताया,"हम मिस्र के बंधक की जान बचाने के लिए इराक़ में अपना कामकाज बंद कर रहे हैं." चरमपंथियों ने कंपनी के कर्मचारी मोहम्मद ग़राबावी को 72 घंटे के अंदर जान से मार देने की धमकी दी है. कंपनी के प्रमुख ने चरमपंथियों से अपील की है कि अब वे बंधक को छोड़ दें. माँग उन्होंने बताया कि चरमपंथियों ने 10 लाख डॉलर की भी माँग की थी लेकिन कंपनी उनकी यह माँग नहीं मान रही है. रविवार को कंपनी ने कहा था कि वह चरमपंथियों को 15 हज़ार डॉलर देने को तैयार है. पिछले सप्ताह अल जज़ीरा टीवी चैनल ने ग़राबावी का वीडियो दिखाया था. वीडियो में ग़राबावी को नक़ाबपोश चरमपंथियों के साथ दिखाया गया था. वीडियो में अपना पासपोर्ट पकड़े ग़राबावी अपने साथी ड्राइवरों से इराक़ में न आने की अपील कर रहे थे. मंगलवार को ही इराक़ी चरमपंथियों ने बंधक बनाए गए बुल्गारिया के एक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी. जबकि बुल्गारिया का ही एक अन्य नागरिक चरमपंथियों के क़ब्ज़े में है. जिसे उन्होंने मार देने की धमकी दी है. फ़िलीपीन्स ने भी चरमपंथियों की माँग के बाद अपने सैनिकों को इराक़ से जल्द बुलाने की घोषणा की है. फ़िलीपीन्स के एक नागरिक को भी चरमपंथियों ने बंधक बना कर रखा है. |
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