BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 28 जून, 2004 को 10:46 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
हस्तांतरण दो दिन पहले क्यों?

इराक़ियों को सत्ता हस्तांतरण
सत्ता हस्तांतरण दो दिन पहले ही कर देने के पीछे एक राजनीतिक संकेत छिपा हुआ है
इराक़ में अंतरिम सरकार ने नियत तिथि से दो दिन पहले ही सत्ता संभाल ली है.

इस चौंकाने वाली ख़बर की घोषणा तुर्की में अंतरिम सरकार के विदेश मंत्री होशयार ज़ेबारी ने की.

इस ख़बर के बाद एक सवाल सबके ज़हन में उठ रहा है कि सत्ता हस्तांतरण दो दिन पहले क्यों?

क्या इससे बहुत फ़र्क पड़ने वाला है कि इराक़ की अंतरिम सरकार सोमवार को सत्ता संभाले या बुधवार को?

स्पष्ट रुप से नहीं.

तो क्या अमरीका का यह स्पष्टीकरण संतुष्ट करने वाला है कि इससे इराक़ी प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के हाथ मज़बूत होंगे और उन्हें सुरक्षा की समस्याओं से जूझने में सहायता मिलेगी?

शायद यह भी नहीं.

तो फिर तारीख़ क्यों बदल दी गई?

संक्रमण काल से गुज़र रहे इराक़ की राजनीतिक परिस्थियों के बीच इस सवाल का जवाब है कि सत्ता हस्तांतरण की तिथि में यह परिवर्तन एक राजनीतिक संकेत है.

इस घोषणा के पीछे विश्वास का यह संदेश देना है कि अब सब कुछ इराक़ के हाथों में हैं न कि उन लोगों के हाथों में जो बम विस्फोट कर रहे हैं और विदेशियों का अपहरण कर रहे हैं.

एक डर यह भी था कि इराक़ में गड़बड़ी फैला रहे गुट 30 जून को हिंसा की बड़ी वारदातें कर सकते हैं.

अब, हर किसी की तरह, वे भी इस फ़ैसले से चकित होंगे.

जो लोग आश्वस्त दिखना चाहते हैं उनमें अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ही नहीं है, नवंबर में दोबारा राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव लड़ रहे अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भी हैं.

इन दोनों के ही लिए, जो एक दूसरे पर बहुत कुछ निर्भर हैं, असली चुनौती वे परिस्थितियाँ हैं, जो आने वाले दिनों में इराक़ में पैदा होंगी.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>