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इराक़ में हिंसा से अमरीका चिंतित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में गुरूवार को पाँच शहरों में हुए हमले के बाद अमरीका ने ये स्वीकार किया है कि वहाँ चरमपंथ उनके लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है. गुरूवार को हुए हमलों में लगभग 100 लोग मारे गए थे. ये हमले इराक़ में स्थानीय लोगों को सत्ता सौंपने की तारीख़ 30 जून से ठीक छह दिन पहले हुए. इराक़ में सद्दाम हुसैन की सत्ता के पतन के बाद का ये अब तक का सबसे हिंसक दिन रहा.
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने बीबीसी को बताया कि इराक़ में स्थिति गंभीर हो चुकी है. उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि हम वहाँ चरमपंथ की समस्या का ठीक से अनुमान नहीं लगा सके और हमें अंदाज़ा नहीं था कि ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है". साथ ही उन्होंने इराक़ में स्थिति पर नियंत्रण हासिल किए जाने की उम्मीद भी जताई. उन्होंने कहा कि जो लोग इन हमलों के पीछे हैं वे इराक़ में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया में रूकावट डालना चाहते हैं. पॉवेल ने कहा,"हम जिस चरमपंथ का सामना कर रहे हैं वह हमारे लिए एक गंभीर समस्या बन चुकी है मगर ये एक ऐसी समस्या है जिससे हम निपट लेंगे". चरमपंथ को कुचलेंगे इराक़ के नए प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने प्रण किया है कि इराक़ में विदेशी चरमपंथियों और सद्दाम हुसैन के सहयोगियों को कुचल दिया जाएगा. उन्होंने गुरूवार को हुए हमलों के पीछे इन्हीं तत्वों का हाथ बताया. उन्होंने कहा कि चरमपंथियों का सामना किया जाएगा और उन्हें हराया जाएगा. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ये आशंका भी प्रकट की कि 30 जून को इराक़ियों को सत्ता सौंपे जाने से पहले हिंसा में तेज़ी आ सकती है. हमलों के पीछे कौन ऐसा कहा जा रहा है कि गुरूवार को हुए हमले सुनियोजित तरीक़े से किए गए. मगर अभी ये स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे किस संगठन का हाथ था. सऊदी अरब की एक वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान में ये दावा किया गया है कि बक़ूबा शहर में हुए हमले जोर्डन में जन्मे अल क़ायदा नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के गुट ने किए. मगर इराक़ी प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है ज़रक़ावी से जुड़े गुट का हाथ मूसल में हुए धमाकों के पीछे था और रमादी तथा बक़ूबा में हमले सद्दाम हुसैन के समर्थकों ने किए. बीबीसी के मध्य-पूर्व मामलों के विश्लेषक रोजर हार्डी का कहना है कि अभी ये पता नहीं है कि हमलों का संचालन किसी एक ही जगह से हुआ या ज़रक़ावी का संगठन हमला करने वाले कई संगठनों में से एक था. |
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