BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 23 जून, 2004 को 21:06 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
अमरीका ने अपनी पुरानी माँग छोड़ी
अबू ग़रेब में दुर्व्यवहार
अबू ग़रेब में दुर्व्यवहार की ख़बरें आने के बाद अमरीकी सैनिकों पर सवालिया निशान लगे
अमरीका ने नई अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत (आईसीसी) में सज़ा से अपने सैनिकों को छूट दिलाने की कोशिशें आख़िरकार छोड़ ही दी हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने सुरक्षा परिषद को इस संबंध में चेतावनी दी थी क्योंकि बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का मसला हाल ही में काफ़ी तेज़ी से उछला है.

इस बारे में अमरीका ने सुरक्षा परिषद में जो प्रस्ताव रखा था वह वापस ले लिया है क्योंकि उसे लगने लगा कि ये प्रस्ताव वह पारित नहीं करवा सकेगा.

पिछले दो साल से अमरीका ने ये कहते हुए अपने सैनिकों के लिए विशेष दर्जा ले रखा था कि इससे उसके सैनिकों के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण मामले दर्ज हो सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के उप राजदूत जेम्स कनिंघम ने बताया, "अमरीका ने इस प्रस्ताव को और आगे नहीं बढ़ाने का फ़ैसला किया है."

उनका कहना था, "हम इस प्रस्ताव पर कार्रवाई रोक रहे हैं."

इससे पहले अमरीका ये धमकी तक दे चुका है कि अगर उसे हेग में स्थित इस अदालत से छूट नहीं मिली तो वह संयुक्त राष्ट्र के शांति कार्यक्रमों पर वीटो लगा सकता है.

अन्नान
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इस तरह की छूट का विरोध किया था

कनिंघम ने इस बार धमकी तो नहीं दोहराई मगर ये ज़रूर कहा कि अमरीका को संयुक्त राष्ट्र के शांति कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पर अब आईसीसी के प्रावधानों पर सोचना होगा.

अमरीका ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में कहा था कि ये छूट सिर्फ़ एक साल के लिए और बढ़ा दी जाए.

मगर ये भी 15 सदस्यों में से नौ का समर्थन हासिल करने के लिए काफ़ी नहीं था.

इससे पहले अन्नान ने कहा था कि 30 जून को ख़त्म हो रही छूट अगर बढ़ा दी जाती है तो इससे संयुक्त राष्ट्र का क़ानून का प्रतिनिधित्व करने का दावा ख़त्म हो जाएगा.

उनका कहना था कि पूरी की पूरी छूट देना ग़लत होगा.

बीबीसी की सुज़ाना प्राइस का कहना है कि अमरीका ने 1998 की रोम संधि पर हस्ताक्षर करने से ये कहकर इनकार कर दिया था कि इससे अमरीकी सैनिकों को देश के बाहर भी मुक़दमों का सामना करना पड़ सकता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>