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अल क़ायदा के हमले के ख़तरे पर संदेह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के राजनीतिक विरोधी उस चेतावनी को शक की निगाह से देख रहे हैं जिसमें अमरीका पर अल क़ायदा के एक और बड़े हमले का ख़तरा जताया गया है. अमरीका के एटॉर्नी जनरल जॉन एशक्रॉफ्ट ने कहा है कि ऐसे ठोस संकेत हैं कि अल क़ायदा अमरीका पर एक और हमला करने के काफ़ी क़रीब है. अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार जॉन कैरी ने कहा है कि अमरीका की आंतरिक सुरक्षा को चुनाव प्रचार का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमें ऐसे राष्ट्रपति की ज़रूरत है जो सुरक्षा के मुद्दे को अपनी फ़ोटो खिंचाकर कर प्रचार करने के अवसर के रूप में न देखे, बल्कि एक ऐसा राष्ट्रपति जो अमरीका को सुरक्षित बनाए." सीनेट की गुप्तचर मामलों की समिति के एक डेमोक्रेटिक सदस्य डिक डर्बन ने कहा कि बुश प्रशासन की चेतावनी के बारे में संदेह बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि शायद ये कभी पता नहीं चलेगा कि क्या प्रशासन को इस बारे में नई और पुख़्ता जानकारी मिली है. एक नेता का कहना था कि महत्वपूर्ण ये है कि ये चेतावनी अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनाव से पाँच महीने पहले आई है जब कुछ जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार राष्ट्रपति बुश की लोकप्रियता घट रही है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ग्यारह सितंबर 2001 के हमलों के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि 'आतंकवादी' हमलों के बारे में आई किसी चेतावनी को संदेह से देखा जा रहा है. ग़ौरतलब है कि इस चेतावनी के बाद भी अमरीका में सुरक्षा सतर्कता बढ़ाई नहीं गई है. |
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