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हज़रत अली की क़ब्र को नुक़सान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी सेनाओं और शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के बीच नजफ़ और कूफ़ा शहरों में ताज़ा लड़ाई की ख़बरें हैं. अस्पताल सूत्रों का कहना है कि इस लड़ाई में कम से कम नौ इराक़ी मारे गए हैं. इस लड़ाई में नजफ़ में हज़रत अली की क़ब्र का एक दरवाज़ा भी मोर्टार हमले में ध्वस्त हो गया है. ग़ौरतलब है कि नजफ़ दुनिया भर के शियाओं के एक बहुत ही पवित्र स्थान है. मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों का कहना है कि इस लड़ाई में बहुत से इराक़ी लड़ाके घायल भी हुए हैं. लेकिन अमरीकी सेना की तरफ़ से अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है. इस लड़ाई को नजफ़ में अब तक हुई सबसे भारी लड़ाई बताया जा रहा है. बताया जाता है कि यह लड़ाई मंगलवार सुबह उस इलाक़े में शुरु हुई जिसे शांति की घाटी के नाम से जाना जाता है.
लड़ाई भड़कने के कुछ ही घंटे बाद एक मोर्टार हमले में हज़रत अली की क़ब्र का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया और एक महीने में ऐसा दूसरी बार हुआ है. ऐसा लगता है कि यह कोई मिसाइल हमला था जिसने क़ब्र के एक दरवाज़े को ध्वस्त कर दिया और चारों तरफ़ मलबा बिखर गया. मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों ने आरोप लगाया है कि अमरीकी सैनिकों मस्जिदों पर हमला कर रहे हैं. उधर अमरीकी सैन्य अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि वह इस स्थान की पवित्रता को समझते हैं इसलिए उसे नुक़सान से बचाने के लिए हर संभव एहतियात बरत रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में अमरीकी सेनाओं ने मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों पर दबाव बहुत बढ़ाया है. इस लड़ाई में अनेक लोग हताहत हो चुके हैं लेकिन दोनों ही पक्ष लड़ाई करने पर अटल नज़र आते हैं. विस्फोट उधर राजधानी बग़दाद में एक कार बम विस्फोट में कुछ लोग घायल हो गए. यह बम धमाका ऑस्ट्रेलियाई दूतावास के नज़दीक हुआ. देश के उत्तर में किरकुक शहर में तुर्क लोगों ने एक नेता अहमद नजम अल दीन की सोमवार रात को हत्या कर दी. |
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