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अमरीका ने शेरॉन को चेतावनी दी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने इसराइल को चेतावनी दी है कि उसे फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात को नुकसान न पहुँचाने के अपने वायदे पर कायम रहना ही होगा. इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा था कि वे फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात को कोई नुक़सान नहीं पहुँचाने के वायदे से बँधे नहीं हैं. प्रधानमंत्री शेरॉन ने उस समय ये विचार व्यक्त किए हैं जब कुछ ही दिनों में सत्ताधारी लिकद पार्टी ने उनके ग़ज़ा से सैनिकों की वापसी की एकतरफ़ा घोषणा पर मतदान करना है. उधर बुश प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि अमरीका ने पहले भी इसराइल को स्पष्ट कर दिया था कि वह अराफ़ात के ख़िलाफ़ किसी भी हिंसक कार्रवाई का विरोध करेगा. अमरीका ने अपने विचार दोहराए हैं.
अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रिचर्ड बाउचर के अनुसार, "अमरीकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है." अराफ़ात ख़ुद कह चुके हैं कि वो इसराइली प्रधानमंत्री की धमकी से डरने वाले नहीं हैं. इसराइल का आरोप है कि अराफ़ात फ़लस्तीनी चरमपंथियों को शह दे रहे हैं. इसराइल ने हाल ही में हमास के कई नेताओं को निशाना बनाया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रमल्लाह में अराफ़ात के निवास पर काफ़ी तनाव है. पिछले कुछ हफ़्तों में इसराइल ने फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के दो नेताओं - शेख अहमद यासीन और अब्दुल अज़ीज़ रनटीसी - की एक के बाद एक हत्या कर दी थी. |
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