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जोर्डन के शाह ने अमरीका का दौरा टाला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जोर्डन के शाह अब्दुल्ला ने अमरीका की मध्य पूर्व नीति पर चिंता जताते हुए वाशिंगटन में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ अपनी बैठक टाल दी है. अब्दुल्ला को बुधवार को जॉर्ज बुश से मिलना था मगर अब उनका कहना है कि पहले वे मध्य पूर्व पर अमरीका की नीति के बारे में स्पष्टीकरण चाहते हैं. जॉर्ज बुश ने पिछले सप्ताह मध्य पूर्व के बारे में इसराइल की एक योजना का समर्थन किया था. जोर्डन अमरीका का एक प्रमुख सहयोगी माना जाता रहा है और संवाददाताओं का कहना है कि ऐसे सहयोगियों के बिना शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा. जोर्डन में बड़ी संख्या में फ़लस्तीनी रहते हैं और माना जा रहा है कि जॉर्डन को इस बात पर आपत्ति है कि अमरीका ने पिछले दिनों फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के नेता अब्दुल अज़ीज़ रनतीसी की हत्या की निंदा नहीं की. अरब देश रनतीसी की हत्या से ख़ासे नाराज़ हैं और उन्होंने इस सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अपनी चिंता जताई. प्रस्ताव पर मतदान अरब देशों ने इस सिलसिले में एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसपर मंगलवार को परिषद में मतदान होगा. सुरक्षा परिषद में इसराइल के राजदूत डैन गिलरमैन ने कहा कि रनतीसी की हत्या आतंकवाद के विरूद्ध जारी विश्वव्यापी युद्ध का हिस्सा थी. मगर फ़लस्तीनी प्रतिनिधि नासिर अल किदवा ने इस लड़ाई से रनतीसी की हत्या का किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया. संवाददाताओं का कहना है कि ऐसा लगता है कि अमरीका सरकार रनतीसी की हत्या से जुड़े किसी भी प्रस्ताव के विरूद्ध वीटो लगा सकती है. उल्लेखनीय है कि कोई महीने भर पहले इसराइली सेना ने हमास के नेता शेख अहमद यासीन को मार डाला था जिसके बाद रनतीसी ने हमास के नए प्रमुख का भार संभाला. अब रनतीसी के बाद हमास ने अपना नया नेता तो चुना है मगर सुरक्षा की दृष्टि से उनका नाम उजागर नहीं किया गया है. |
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