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शुक्रवार, 23 अप्रैल, 2004 को 18:09 GMT तक के समाचार
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बाथ के सदस्यों को मिल सकती है नौकरी
इराक़ी सैनिक
सद्दाम हुसैन के समय रहे बाथ पार्टी के सदस्यों को फिर से नौकरी देने की पेशकश
अमरीकी प्रशासन के अनुसार इराक़ के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाए जाने के बाद सार्वजनिक क्षेत्रों में काम करने वाले जिन लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था उन्हें फिर से नौकरी मिल सकती है.

बाथ पार्टी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को इस क़दम की वजह से संयुक्त राष्ट्र की ओर से बनाई जाने वाली अंतरिम सरकार में भी जगह मिल सकती है.

पूर्व प्रशासकों के साथ ही स्कूलों के अध्यापकों से लेकर सेना के अधिकारियों को भी फिर से नौकरी मिल सकती है बशर्ते वे ये साबित करें कि वे बाथ पार्टी के सदस्य सिर्फ़ नाम भर के लिए ही थे.

संवाददाताओं के अनुसार इसे अमरीका की नीति में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा जा सकता है.

सद्दाम हुसैन के शासन के बाद जब सूचना और रक्षा मंत्रालयों के साथ ही सेनाओं और सुरक्षा सेवाओं को भंग किया गया तो लगभग 40,000 लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था.

लोग नाराज़

इसके बाद एक अपील की प्रणाली भी शुरू की गई जिससे उन लोगों को फिर से नौकरी दी जा सके मगर हज़ारों इराक़ियों का कहना है कि ये प्रणाली बहुत ही धीमी है.

 ये तो ठीक ऐसा ही है जैसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नाज़ियों को जर्मनी की सरकार में जगह दे देना
अहमद चलाबी

अमरीका ने अभी जो इराक़ी शासकीय परिषद का गठन किया है उसे भी इस बारे में बहुत सी शिकायतें मिली हैं.

अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने अमरीका की ओर से संचालित होने वाले अल-इराक़िया टेलीविज़न पर संबोधन में कहा कि पूर्व सैनिक अधिकारियों, अध्यापकों और पेशेवर लोगों को नौकरी दी जा सकती है बशर्ते की उनका रिकॉर्ड साफ-सुथरा हो.

अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं को डॉक्टरों और अध्यापकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार पॉल ब्रेमर की इस घोषणा से ये भी उम्मीद की जा रही है कि फलूजा जैसे क्षेत्रों में सुन्नी मुसलमानों के विद्रोह को शांत किया जा सकेगा.

मगर इराक़ के पूर्व विपक्षी बाथ पार्टी के सदस्यों के फिर से सत्ता में लौटने की संभावनाओं को लेकर सशंकित हैं.

शासकीय परिषद के सदस्य अहमद चलाबी, "ये तो ठीक ऐसा ही है जैसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नाज़ियों को जर्मनी की सरकार में जगह दे देना."

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