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बसरा में बम धमाकों में 68 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा और इसके आस-पास कई पुलिस ठिकानों पर बम हमले हुए हैं जिनमें कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में 20 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं जो बस से स्कूल जा रहे थे. लगभग 200 लोग घायल हैं जिनमें कई की हालत गंभीर है. इस बीच डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इराक़ में कुछ दिन पहले अपहृत डेनमार्क के एक नागरिक का शव मिला है. पिछले सप्ताह अपहृत इस डेनिश नागरिक के बारे में ये पता नहीं चल सका है कि उसकी मौत कहाँ और कैसे हुई. हमलों पर प्रतिक्रिया इराक़ की अंतरिम सरकार में गृहमंत्री समिर सुमैते ने कहा है कि चरमपंथियों ने निर्दोष बच्चों की जान लेकर एक और जनसंहार किया है. मगर उन्होंने कहा कि एक आज़ाद इराक़ के निर्माण के सपने पर कोई आँच नहीं आएगी. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा है कि चरमपंथी इराक़ के लोगों को एक सुंदर और लोकतांत्रिक भविष्य से दूर रखना चाहते हैं. शहर की सुरक्षा की देखभाल करने वाले ब्रितानी सैनिक अधिकारियों ने कहा है कि इन हमलों से गठबंधन सेना के किसी सदस्य को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा. विस्फोट
अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को तीन विस्फोट तक़रीबन एक ही समय हुए. उन्होंने कहा कि इन पुलिस थानों पर तीन वाहनों से हमला हुआ जिनमें विस्फोटक भरे हुए थे. बसरा के दक्षिण में ज़ुबैर शहर में एक पुलिस अकादमी पर भी बम हमले की ख़बर आई है जिसमें दो लोग मारे गए. हाल के दिनों में इराक़ के मध्य और दक्षिणी हिस्से में काफ़ी हिंसा हुई मगर बसरा में अपेक्षाकृत रूप से शांति बनी रही. उधर इराक़ के मध्य स्थित सुन्नी बहुल फ़लूजा शहर में हथियारबंद लोगों ने अमरीकी सैनिकों पर ज़ोरदार हमला किया है. अमरीका के रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि गठबंधन सैनिक फ़लूजा में बंदूकधारियों के समर्पण के लिए अनिश्चितकाल तक प्रतीक्षा नहीं करेंगे. |
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