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18 साल के बाद वनुनु रिहा हुए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के गोपनीय परमाणु कार्यक्रम की जानकारी देने के जुर्म में 18 साल जेल में बिताने वाले इसराइली परमाणु जानकार मौर्डेख़ाई वनुनु को रिहा कर दिया गया है. गिरफ़्तारी के पहले वनुनु की बताई जानकारी के बाद विशेषज्ञों को ये पता चला था कि इसराइल के पास लगभग 200 परमाणु हथियारों को बनाने की क्षमता है. वनुनु ने रिहाई के बाद जेल के बाहर जुटी भारी भीड़ से कहा कि उन्हें इस बात का गर्व और खुशी है कि उन्होंने इसराइल के गोपनीय परमाणु कार्यक्रम से पर्दा उठाया. उन्होंने कहा कि उनके पास अब बताने के लिए और कुछ नहीं है. मगर इसराइली अधिकारी मानते हैं कि वनुनु के पास अब भी ऐसी जानकारियाँ हैं जिनसे देश की सुरक्षा पर आँच आ सकती है. वनुनु इसराइल से बाहर जाना चाहते हैं मगर उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई है और इसराइल में भी उनकी गतिविधियों पर कई पाबंदियाँ लागू हैं. हौसला बरक़रार जेल से बाहर आने के बाद वनुनु ने कहा कि उनके हौसले पर कोई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा, "जो लोग मुझे देशद्रोही समझते हैं उनसे मैं कहना चाहता हूँ कि मैंने जो किया मुझे उसपर गर्व और ख़ुशी है." वनुनु की उम्र 50 वर्ष के आसपास है और उनके बाल पक चुके हैं. उन्होंने इसराइली अधिकारियों के व्यवहार को निर्मम और बर्बर बताया. वनुनु ने कहा कि उनके साथ इसराइली अधिकारियों ने बुरा बर्ताव इसलिए किया क्योंकि उन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था. प्रतिक्रिया इसराइल में कई लोग उनके साथ सहानुभूति रखते हैं और उनमें से कई लोग जेल के बाहर उनकी अगवानी के लिए मौजूद थे. एक ने कहा, "वे मेरे हीरो हैं. उन्होंने मानवता के लिए एक बड़ा काम किया है और रिहाई के बाद उन्हें पूरी आज़ादी मिलनी चाहिए." मगर वनुनु ने जो किया, कई इसराइली उसे सही नहीं मानते और वे चाहते हैं कि वनुनु को जेल में ही रखा जाना चाहिए. ऐसे ही एक इसराइली ने कहा, "मेरी नज़र में वे एक देशद्रोही हैं. मुझे नहीं लगता कि उन्होंने जो किया उसके लिए हमारा समाज उन्हें माफ़ करेगा." |
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