| हेती में आपातकाल की घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैरीबियाई देश हेती में आपातकाल लागू कर दिया गया है. पुलिस और पूर्व राष्ट्रपति ज़ाँ बर्टरंड एरिस्टीड के समर्थकों के बीच हिंसक संघर्ष के बाद हेती के प्रधानमंत्री वोन नेपच्युन ने आपातकाल लगाने का फ़ैसला किया. प्रधानमंत्री ने आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि इससे देश में स्थिति को सामान्य बनाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि हेती में अभी तक लूटपाट से 30 करोड़ डॉलर का नुक़सान हो चुका है. प्रधानमंत्री ने ये क़दम विद्रोही नेता गाय फ़िलिपे के अपने समर्थकों को संघर्ष बंद करने के लिए दिए गए निर्देश के बावजूद उठाया है. गाय फ़िलिपे का कहना है कि उन्होंने अपने समर्थकों से ऐसा इसलिए कहा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों ने हेती की जनता की रक्षा करने का वायदा किया है. जाँच की माँग इस बीच कैरीबियाई देशों ने ये कहा है कि वे हेती में शांति सेना में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने इसका कारण इस आरोप को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति एरिस्टीड को ज़बरदस्ती उनके पद से हटाया गया. कैरीबियाई नेताओं ने इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच कराए जाने की माँग की. मगर अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने एक बार फिर ये कहा है कि एरिस्टीड ने अपनी इच्छा से पद त्यागा और देश छोड़कर चले गए. एरिस्टीड के जाने के बाद हेती के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बोनीफ़ेस अलेक्ज़ांद्रे को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया. लगभग 75 लाख की आबादी वाले देश हेती में पिछले दिनों सशस्त्र विद्रोह के बाद संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप करना पड़ा और उसने वहाँ 1,000 से भी अधिक अमरीकी सैनिक भेजे. |
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