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हेती में विद्रोहियों का विजय जुलूस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हेती में विद्रोहियों ने राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में विजय जुलूस निकाला है. प्रमुख विद्रोही नेता गाय फ़िलिप ट्रकों के एक काफ़िले में राजधानी पहुँचे. उनके साथ कोई 70 हथियारबंद समर्थक थे. राष्ट्रपति भवन के बाहर जुटी भीड़ ने विद्रोहियों का ज़ोरदार स्वागत किया. इस बीच अमरीका ने कहा है कि हेती के राष्ट्रपति जाँ बर्टरंड एरिस्टीड को देश से निकालने में उसकी कोई भूमिका नहीं है. उल्लेखनीय है कि एरिस्टीड के सहयोगियों ने आरोप लगाया है कि क़रीब 20 अमरीकी सैनिकों ने राष्ट्रपति को उनके महल से निकाल कर एक विमान में चढ़ा दिया. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने आरोप को बेतुका बताते हुए कहा है कि एरिस्टीड ने अपनी मर्ज़ी से देश से पलायन किया है. एरिस्टीड इस समय सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक में हैं. अंतरराष्ट्रीय बल
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षक बल के सदस्य के रूप में अमरीका और फ़्रांस के सैनिक हेती में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनाने में जुट गए हैं. अमरीकी रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि अमरीका हेती में 1500 से 2000 सैनिक तैनात करेगा. वहाँ क़रीब 5000 अंतरराष्ट्रीय सैनिक तैनात किए जाने हैं. फ़्रांस और कनाडा के कुछ सैनिक भी हेती पहुँच चुके हैं. उधर कैरीबीयाई देशों के संगठन कैरीकॉम ने हेती के राष्ट्रपति को हटाए जाने को एक ग़लत परंपरा की शुरुआत बताया है. |
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