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विरोध प्रदर्शनों के साए में बुश-ब्लेयर बातचीत
ब्रिटेन की तीन दिन की यात्रा पर आए अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश अपने दौरे के दूसरे दिन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से मिले. दोनों नेताओं के बीच इराक़ समेत कई दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई. इस बीच अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने उम्मीद जताई है कि गुआंतानामो बे में ब्रिटेन के कुछ नागरिकों की क़ैद से दोनों देशों के बीच पनपा विवाद ख़त्म हो सकता है. कॉलिन पॉवेल भी अमरीकी राष्ट्रपति के साथ ब्रिटेन आए हुए हैं. बीबीसी के विश्व मामलों के संवाददाता विलियम होर्सली के अनुसार गुरूवार को इस बात की परीक्षा हो सकती है कि विवादास्पद मुद्दों पर टोनी ब्लेयर का प्रभाव कितना है. उधर लंदन में गुरूवार को ही युद्धविरोधी प्रदर्शनकारी अमरीकी राष्ट्रपति की नीतियों के विरोध में एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं. ब्रिटेन की पुलिस का कहना है कि बुश के दौरे के पहले दिन प्रदर्शनकारियों का बर्ताव अच्छा रहा और कुछ मामूली आरोप में 31 लोगों को हिरासत में लिया गया. बातचीत के मुद्दे
समझा जा रहा है कि जॉर्ज बुश और टोनी ब्लेयर की मुलाक़ात में मुख्यतः इराक़ और मध्य पूर्व के संबंध में बातचीत हुई. समझा जाता है कि दोनों नेता इराक़ में सत्ता स्थानीय नेताओं को सौंपने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के बारे में योजनाओं की जानकारी देंगे. गुरूवार को दोनों नेता पत्रकारों से बात करेंगे और निश्चिति तौर पर इसमें उनसे ये जानने की कोशिश की जाएगी कि इराक़ और मध्य पूर्व जैसी बड़ी चुनौतियों के बारे में वे क्या करना चाहते हैं. अपने दौरे के पहले दिन बुश ने इराक़ के ख़िलाफ़ की गई सैनिक कार्रवाई का बचाव करते हुए ब्रिटेन के साथ अमरीका के संबंध की चर्चा की. बुश ने कहा,"दोनों देश कंधे-से-कंधा मिलाकर खड़े हैं और इस घड़ी एक दूर देश में एक बड़े लक्ष्य के लिए क़ुर्बानियाँ दे रहे हैं". इराक़ और मध्य पूर्व के अलावा दोनों नेताओं के बीच अमरीका की इस्पात नीति पर भी बात होगी. अमरीकी राष्ट्रपति के सहकर्मी पहले ही कह चुके हैं कि अन्य देशों से अमरीका भेजे जानेवाले इस्पात पर लगाए गए कर को अभी नहीं हटाया जा सकता है. इसके अतिरिक्त ब्रिटेन के उन नौ नागरिकों के संबंध में भी कोई घोषणा हो सकती है जिन्हें अमरीका ने चरमपंथी होने के संदेह में क्यूबा में अपने सैन्य अड्डे पर पिछले दो वर्षों से क़ैद कर रखा है. प्रदर्शन
गुरूवार को युद्धविरोधी प्रदर्शनकारियों की लंदन में एक बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी है. हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी ब्रिटिश प्रधानमंत्री के दफ़्तर, 10 डाउनिंग स्ट्रीट. के आस-पास जुलूस निकालने वाले हैं जिसके बाद उनकी एक सभा होगी जिसमें बुश के 18 फ़ीट ऊँचे पुतले को गिराया जाएगा. पुलिस ने इस रैली को रोकने के लिए तैयारी की है और दोपहर से सड़कों को बंद करना शुरू किया जाएगा. रैली के आयोजकों को उम्मीद है कि यह रैली ब्रिटेन में सप्ताह के काम-काज के दिनों में होनेवाली सबसे बड़ी रैली साबित होगी. बुधवार शाम को भी शाही निवास बकिंघम पैलेस के बाहर प्रदर्शनकारी युद्धविरोधी पोस्टर लेकर जुटे. इस समय ब्रिटेन की महारानी एलिज़बेथ ने अमरीकी राष्ट्रपति के सम्मान में भोज आयोजित किया था. ब्रिटेन की पुलिस का अनुमान है कि लंदन के भीड़-भाड़ वाले इलाक़े ऑक्सफ़ोर्ड स्ट्रीट में लगभग 1200 लोगों ने प्रदर्शन किया. मैनचेस्टर शहर में भी 500 लोगों ने अमरीकी राष्ट्रपति के विरोध में रैली निकाली. |
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