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मंगलवार, 18 नवंबर, 2003 को 00:40 GMT तक के समाचार
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अमरीकी राष्ट्रपति लंदन पहुँचे
बकिंघम पैलेस के बाहर सुरक्षा
राजकुमार चार्ल्स ने हीथ्रो एयरपोर्ट पर बुश दंपति का स्वागत किया

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ब्रिटेन के तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार शाम लंदन पहुँचे. उनके लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

हीथ्रो हवाई अड्डे पर राजकुमार चार्ल्स ने उनका स्वागत किया.

वहाँ से उन्हें सीधे बकिंघम पैलेस लाया गया.

किसी भी अमरीकी राष्ट्रपति का अस्सी साल में यह ब्रिटेन का पहला राजकीय दौरा है और उनके इस दौरे में बातचीत का एक अहम मुद्दा इराक़ होगा जिसे लेकर उनके ख़िलाफ़ कई विरोध प्रदर्शनों की तैयारी हो रही है.

इस दौरे में अमरीका और यूरोप के बीच व्यापार संबंधी उस विवाद पर भी चर्चा होगी जिसकी शुरूआत अमरीका के, यूरोप से आनेवाली इस्पात पर आयात कर लगाने से हुई थी.

राष्ट्रपति बुश और उनकी पत्नी लॉरा बुश ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ के आमंत्रण पर ब्रिटेन आए हैं और दोनों महारानी के निवास बकिंघम पैलेस में ठहरे हैं.

1918 में तत्कालीन राष्ट्रपति वूड्रो विल्सन अपनी यात्रा के दौरान बकिंघम पैलेस में ठहरे थे.

सुरक्षा


आतंकवाद को परास्त करने के लिए अमरीका के साथ मज़बूती से खड़े होने का सबसे सही समय है चाहे यह आतंक जहाँ कहीं भी हो

टोनी ब्लेयर

जॉर्ज बुश के दौरे के समय सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर तिगुनी कर दी गई है और अब इस दौरान 14000 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे.

पुलिस का कहना है कि ये संख्या राष्ट्रपति बुश की सुरक्षा को लेकर भय के कारण बढ़ाई गई है.

ये चिंता अमरीकी राष्ट्रपति के दौरे के वक़्त बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की योजना से पैदा हई है.

मगर इस चिंता के बावजूद पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को संसद से प्रधानमंत्री के कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट तक जुलूस निकालने दिया जाएगा.

पहले माना जा रहा था कि अमरीकी राष्ट्रपति से दूर रखने के लिए उन्हें इस मार्ग से दूर रखा जाएगा.

पहला विरोध प्रदर्शन मंगलवार की शाम अमरीकी पर्यावरण नीतियों के विरोध में आयोजित किया गया.

अमरीकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए अमरीका से भी सैकड़ों सुरक्षाकर्मी आए हैं.

फ़ैसले का बचाव

इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने ज़ोर देकर कहा है कि उन्होंने जॉर्ज बुश को आमंत्रित कर सही फ़ैसला किया.

टोनी ब्लेयर ने कहा कि ब्रिटेन ने अमरीका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सही किया.

उन्होंने कहा कि ख़ासतौर पर हाल में तुर्की, सऊदी अरब, संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस के दफ़्तरों पर हुए हमलों के बाद ऐसा करना बिल्कुल उचित था.

ब्लेयर ने कहा,"ये आतंकवाद को परास्त करने के लिए अमरीका के साथ मज़बूती से खड़े होने का सबसे सही समय है चाहे यह आतंक जहाँ कहीं भी हो".

स्थिति विपरीत

टोनी ब्लेयर को राष्ट्रपति बुश के सबसे क़रीबी मित्रों में गिना जाता है.

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता बार्नबी मैसन का कहना है कि टोनी ब्लेयर इस दौरे को ब्रिटेन और अमरीका की दोस्ती के एक बड़े प्रतीक के तौर पर पेश करना चाह रहे होंगे.

मगर संवाददाता के अनुसार बुश ऐसे समय आए हैं जब एक सर्वेक्षण के अनुसार ब्रिटेन के 60 प्रतिशत लोग बुश को विश्व शांति के लिए ख़तरा मानते हैं.

बार्नबी मैसन का कहना है कि ऐसे में टोनी ब्लेयर को फ़ायदा कम और नुक़सान ज़्यादा हो सकता है.

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