|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बुश के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की मौजूदा ब्रिटेन यात्रा के दौरान सुरक्षा की बहुत कड़ी व्यवस्था की जा रही है. दुनिया भर में अपनी क़ाबलियत के लिए मशहूर स्कॉटलैंड पुलिस ने इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियान के लिए लगभग पचास लाख पाउंड ख़र्च किए हैं. सिर्फ़ सेंट्रल लंदन इलाक़े में ही 6,000 सुरक्षा अधिकारी तैनात हैं. अमरीकी राष्ट्रपति को सुरक्षा के इस अभेद्य घेरे में महफ़ूज़ रखने वाले इस अभियान को अभूतपूर्व बताया जा रहा है. इस अभियान में ब्रिटेन के हज़ारों सुरक्षा अधिकारियों को उनकी सामान्य ड्यूटी से बुला कर इस काम में लगाया गया है. साथ ही अमरीका से भी कुछ विशेष सुरक्षा अधिकारी अपने राष्ट्रपति की सुरक्षा के इंतज़ाम पर नज़र रखने के लिए यहाँ आए हैं. दरअसल, अमरीकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के इस महाअभियान के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण ब्रितानी ख़ुफ़िया विभाग की एक चेतावनी है. ग़ौरतलब है कि ख़ुफ़िया विभाग ने अमरीकी राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान एक आतंकवादी हमले की आशंका जताई है. साथ ही इराक़ पर हुए हमले का विरोध करने वाले जो प्रदर्शनकारी हैं उनकी वजह से भी लंदन के माहौल में कुछ तनाव है. ज़बरदस्त तैयारियाँ इन सभी संभावित अड़चनों को देखते हुए व्हाइट हाउस ने यहाँ की पुलिस से ये माँग की थी कि राष्ट्रपति बुश की सुरक्षा में लगे अधिकारियों की संख्या बढ़ा दी जाए. पहले इस काम में पाँच हज़ार सुरक्षाकर्मी लगे थे अब उनकी संख्या 14 हज़ार कर दी गई है. इसके अलावा सैकड़ों अमरीकी अधिकारी भी हैं जिनका साथ देंगे ब्रिटेन के एसएएस के विशेष सुरक्षा अधिकारी.
इन्होंने पिछले दो महीनों में उस मार्ग के इर्द-गिर्द बनी सभी इमारतों का चप्पा-चप्पा छानने में लगाया है जहाँ से होकर राष्ट्रपति बुश का काफ़िला गुज़रेगा. शहर में जगह जगह इराक़ युद्ध और जॉर्ज बुश का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए भी कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. इसके लिए हैलिकॉप्टरों के साथ साथ घोड़ों और सैनिकों की बेहद सक्रिय टुकड़ियों का इंतज़ाम किया गया है. संसद के पास की कुछ सड़कों पर एक्स-रे की मशीने लगाईं गईं हैं ताकि आने जाने वालों पर अच्छी तरह से नज़र रखी जा सके. साथ ही पुलिस के जासूसी कुत्तों को भी सुरक्षा के इस्तेमाल में लाया जा रहा है. अमरीकी दबाव ख़बर है कि इस अभूतपूर्व सुरक्षा अभियान के लिए ब्रिटेन पर अमरीका का काफ़ी दबाव है. इससे दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कुछ मनमुटाव पनपने के संकेत भी मिले हैं. एक महत्वपूर्ण बात ये सामने आई कि अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों ने बकिंघम पैलेस की दीवारों और खिड़कियों को और मज़बूत बनाने की पेशकश की थी. अमरीकी राष्ट्रपति अपनी पत्नी के साथ बकिंघम पैलेस में ही ठहरने वाले हैं. हालाँकि अमरीकियों की ये बात नहीं मानी जा सकी है. अमरीकी राष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान लंदन में जगह जगह विरोध प्रदर्शनकारियों के संभावित प्रदर्शनों से सुरक्षा अधिकारियों में एक झुंझलाहट साफ़ दिखती है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||