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बुश ने अपने फ़ैसलों को सही ठहराया
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ पर हमले के अपने फ़ैसले को सही ठहराते हुए इस विषय में अमरीका का साथ देने के लिए ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की तारीफ़ की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी उनकी तरह इराक़ में गठबंधन सेनाओं के हिंसक विरोध से डरने वाले नहीं हैं. बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति बुश ने इस महीने की 18 तारीख़ से होने वाली अपनी ब्रिटेन यात्रा पर उठ रहे कुछ सवालों के जवाब भी दिए हैं. लेकिन बीबीसी संवाददाता बार्नबी मेसन का कहना है राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की इन टिप्पणियों से ब्रिटेन में राष्ट्रपति बुश की नीतियों का विरोध कर रहे लोगों का गुस्सा बढ़ सकता है. 'गुप्तचर एजेंसियाँ सही'
राष्ट्रपति बुश ने ईरान और कोरिया में संदिग्ध सैनिक हस्तक्षेप की चिंतायों पर कहा, "हर स्थिति का सैनिक समाधान नहीं होता. मैं मानता हूँ कि ये तो आख़िरी विकल्प होता है." उनका कहना था कि वे चीन और अन्य देशों से बहुपक्षीय बातचीत से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं. राष्ट्रपुति बुश ने कहा कि वे प्रधानमंत्री ब्लेयर के साथ मिलकर क्यूबा की ग्वांतानामो बे जेल में बंदी बनाकर रखे गए ब्रितानियों के मुद्दे का भी हल निकालेंगे.
इराक़ पर हमले के बारे में उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन एक ख़तरनाक आदमी थे और इराक़ के लोगों को उनसे छुटकारा दिलाना ज़रूरी था. राष्ट्रपति बुश ने ज़ोर देकर कहा कि ब्रितानी और अमरीकी गुप्तचर एजेंसियों की इराक़ युद्ध से पहले की जानकारी सही थी. लेकिन उन्होंने ब्रितानी सरकार के उस विवादास्पद बयान के बारे में टिप्पणी नहीं की जिसमें कहा गया था कि इराक़ महाविनाश के हथियार का इस्तेमाल 45 मिनट के अंदर कर सकता है. अमरीकी राष्ट्रपति ने इराक़ में हुई हिंसक वारदातों के लिए बाथ पार्टी के समर्थकों, अल-क़ायदा और मुजाहिदीन जैसे संगठनों को दोषी ठहराया. |
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