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मंगलवार, 11 नवंबर, 2003 को 01:39 GMT तक के समाचार
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"मतभेद भुलाकर आगे का रास्ता देखें"
टोनी ब्लेयर
ब्लेयर इराक़ नीति पर विरोध का सामना कर रहे हैं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने देश की विदेशनीति स्पष्ट करते हुए अमरीका के साथ घनिष्ठ संबंधों का ज़ोरदार समर्थन किया है.

ब्लेयर ने सोमवार को अपने वार्षिक गिल्डहॉल भाषण में अमरीका के साथ ब्रिटेन के संबंध और यूरोपीय संघ की सदस्यता को देश की विदेश नीति के दो महत्वपूर्ण स्तंभ क़रार दिया है.

ग़ौरतलब है कि अगले सप्ताह अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ब्रिटेन की यात्रा पर आ रहे हैं और उनकी यह यात्रा पहले से ही विवादों में घिर गई है.

प्रधानमंत्री ब्लेयर भी इस बात को बख़ूबी जानते हैं क्योंकि इराक युद्ध का विरोध करने वाले लोग और संगठन राष्ट्रपति बुश की यात्रा के दौरान कई विरोध प्रदर्शनों की योजना बना रहे हैं.

बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता जोनाथन हेड का मानना है कि प्रधानमंत्री ब्लेयर ने देश की विदेशनीति पर भाषण का इस्तेमाल एक तरह से इन आगामी विरोध प्रदर्शनों का जवाब देने के लिए किया है.

प्रधानमंत्री ब्लेयर ने इराक युद्ध के आलोचकों से अपील की है कि वे सही और ग़लत की बहस छोड़ कर फ़िलहाल इराक़ के पुनर्निर्माण के लिए एकजुट हों.

उनका कहना था कि इससे पश्चिम और मुस्लिम जगत के बीच संबंध और मज़बूत और स्पष्ट होंगे और मध्यपूर्व शांति प्रक्रिया पर भी इसका व्यापक असर पड़ेगा.

हाल में इराक़ जैसे मसलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरे मतभेदों के बारे मे प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा कि एक देश अपने बल पर युद्ध तो जीत सकता है लेकिन शांति स्थापित करने के लिए कई देशों के योगदान की ज़रूरत है.

इससे उनका इशारा इस तरफ़ था कि अमरीका और यूरोपीय संघ को मिलकर काम करना चाहिए.

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