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बुधवार, 19 नवंबर, 2003 को 13:59 GMT तक के समाचार
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इराक़ पर हमला जायज़: राष्ट्रपति बुश
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का स्वागत
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का स्वागत

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपने भाषण में इराक़ पर हमले को उचित ठहराने के लिए दलीलें पेश कीं.

उनका कहना था कि यह बात कोई नहीं कह सकता कि सद्दाम हुसैन के शासन में इराक़ बेहतर था.

जैसे इस बारे में भी कोई शक नहीं करता कि तालेबान के सत्ता से हटने के बाद अफ़ग़ानिस्तान अधिक न्यायोचित देश बन गया है.

हालांकि राष्ट्रपति बुश ने माना कि इराक़ में अब भी भारी हिंसा जारी है और अमरीका और ब्रिटेन को नुक़सान उठाना पड़ा है.

बुश ने साफ़ तौर से कहा कि इन घटनाओं से गठबंधन की सेनाएँ पीछे हटने वाली नहीं हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति का कहना था कि इराक़ में लोकतंत्र सफल होगा क्योंकि इराक़ के लोग अपनी आज़ादी का आत्मसमर्पण नहीं करेंगे.

राष्ट्रपति बुश का कहना था कि दुनियाभर में फैले आतंकवाद से निपटने के लिए सारी दुनिया को उसका मुक़ाबला करना होगा.

बुश का कहना था कि 11 सितंबर के हमले ने अमरीका पर अपने गहरे निशान छोड़े हैं.

उन्होंने चरमपंथी हमलों में मुंबई का भी ज़िक्र किया.

मुंबई का ज़िक्र

राष्ट्रपति बुश का कहना था कि लोग सोच रहे थे कि समय के साथ वे इन्हें भूल जाएँगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उसके बाद बाली,जकार्ता, कासाब्लांका, मुंबई, इस्तांबूल और मध्य पूर्व में हमले हुए.

 लोग सोच रहे थे कि समय के साथ वे 11 सितंबर को भूल जाएँगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उसके बाद बाली,जकार्ता, कासाब्लांका, मुंबई, इस्तांबूल और मध्य पूर्व में हमले हुए

राष्ट्रपति बुश

विदेश नीति संबंधी अपने भाषण में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र के महत्व समाप्त होने से बचाना चाहते हैं जैसा कि द्वितीय विश्व युद्ध के पहले 'लीग ऑफ नेशंस' के साथ हुआ था.

उनका कहना था कि अमरीका और ब्रिटेन समान मूल्यों को मानते हैं और उनके लिए बलिदान तक कर रहे हैं.

बुश ने कहा कि अमरीका इसराइल की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है लेकिन उन्होंने इसराइल से नई बस्तियाँ न बसाने को कहा.

उन्होंने इसराइल की पश्चिमी तट में अवरोध खड़े करने की आलोचना की.

बुश ने फ़लस्तीनी नेताओं से इसराइल में हिंसा रोकने की अपील की.

उन्होंने यूरोपीय नेताओं से कहा कि वे अमरीका और इसराइल का साथ यासिर अराफ़ात को किनारे कर नए नेतृत्व को उभारने में मदद करें.

तोपों की सलामी

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ब्रिटेन के तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार शाम लंदन पहुँचे लेकिन उनका औपचारिक दौरा बुधवार से शुरू हुआ.

बुधवार को महारानी एलिज़ाबेथ ने उनका औपचारिक रूप से स्वागत किया और उन्हें 41 तोपों की सलामी दी गई.

किसी भी अमरीकी राष्ट्रपति का अस्सी साल में यह ब्रिटेन का पहला राजकीय दौरा है.

मंगलवार को हीथ्रो हवाई अड्डे पर राजकुमार चार्ल्स ने उनका स्वागत किया और उन्हें वहाँ से सीधे बकिंघम पैलेस लाया गया.

राष्ट्रपति बुश और उनकी पत्नी लॉरा बुश ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ के आमंत्रण पर ब्रिटेन आए हैं और दोनों महारानी के निवास बकिंघम पैलेस में ठहरे हैं.

राष्ट्रपति बुश के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

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