BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 31 अक्तूबर, 2003 को 07:44 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मलेशिया में महाथिर युग की समाप्ति
डॉक्टर महातिर मोहम्मद
दो दशक से भी ज़्यादा सरकार चलाई है

मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने 22 वर्ष सत्ता में रहने के बाद शुक्रवार को अपनी कुर्सी को अलविदा कह दिया.

शुक्रवार को एक साधारण समारोह में महाथिर मोहम्मद ने अपने सहयोगी अब्दुल्ला बदावी को सत्ता सौंप दी.

अब्दुल्ला बदावी दक्षिण पूर्व एशियाई देश मलेशिया के पाँचवें प्रधानमंत्री बने हैं.

मलेशिया को ब्रिटेन से 1957 में स्वतंत्रता मिली थी.

कुआलालंपुर में बीबीसी संवाददाता जोनाथन केंट का कहना है कि बदावी को अपनी कार के दरवाज़े से दफ़्तर पहुँचने में दस मिनट लगे क्योंकि बहुत से लोग उन्हें मुबारकबाद देने के लिए उतावले थे.

उससे पहले डॉक्टर महाथिर मोहम्मद राजा सिराजुद्दीन से मिलने शाही महल गए और वहाँ उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया.

दो दशक

महाथिर मोहम्मद एशिया में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले पहले नेता हैं और उन्होंने 22 साल शासन किया.

हालाँकि महाथिर मोहम्मद पर कभी-कभी तानाशाहों जैसे रवैए का भी आरोप लगाया जाता है लेकिन यह भी सच है कि उन्होंने अपनी सत्ता अपनी मर्ज़ी से ही छोड़ी है.

दरअसल उन्होंने पिछले साल ही जून में सत्ता त्यागने की मंशा ज़ाहिर की थी लेकिन उन्हें सत्ता में टिके रहने के लिए मना लिया गया था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब नए प्रधानमंत्री अब्दुल्ला बदावी को महाथिर मोहम्मद के शासन काल से तुलना का सामना करना पड़ेगा और उन्हें इस मामले में फूँक-फूँक कर क़दम रखना होगा.

शिकायत कैसी?

मैंने अपना वक़्त गुज़ार लिया है अब दूसरे लोगों की बारी है. मैने 22 साल तक सरकार चलाई है, अब मैं कोई शिकायत नहीं कर सकता.

महाथिर मोहम्मद

देश के आर्थिक कायाकल्प और औद्योगीकरण का श्रेय डॉक्टर महाथिर मोहम्मद को ही दिया जाता है.

हालाँकि उनके आलोचक उन पर लोकतंत्र को ताक पर रखने के आरोप भी लगाते हैं लेकिन बहुत से लोगों का मानना है कि उन्होंने देश में स्थिरता क़ायम की और विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बनाया.

एक युग

अब अब्दुल्ला बदावी के सामने मुख्य चुनौती यह होगी कि वे अपनी सत्तारूढ़ पार्टी यूएमएनओ में अपना समर्थन आधार मज़बूत करें और विपक्षी इस्लामी परंपरावादियों के समर्थन को कम करें.

बदावी और महाथिर
सत्ता सौंपी

बहरहाल बदावी जो कुछ भी करें लेकिन उनकी तुलना महाथिर मोहम्मद से ज़रूर की जाएगी कि अगर उन हालात में महातिर होते तो वह क्या करते.

इससे पहले गुरुवार को महाथिर मोहम्मद ने प्रधानमंत्री की हैसियत से आख़िरी बार संसद को संबोधित किया.

उन्होंने कहा, "मैंने अपना वक़्त गुज़ार लिया है अब दूसरे लोगों की बारी है. मैने 22 साल तक सरकार चलाई है, अब मैं कोई शिकायत नहीं कर सकता."

कुआलालंपुर में बीबीसी संवाददाता जोनाथन केंट का कहना है कि डॉक्टर महाथिर मोहम्मद 1981 में सत्ता में आए थे तब देश की क़रीब 40 प्रतिशत आबादी पैदा भी नहीं हुई थी.

"डॉक्टर महाथिर मोहम्मद का नाम इतना जीवन में छा चुका है कि उनके नाम के बिना लोगों को ज़िंदगी जीने के लिए कुछ वक़्त लगेगा."

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>