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इराक पर ख़ुफ़िया रिपोर्ट लेकिन पूरी नहीं
अमरीकी विदेश मंत्रालय ने सीनेट को कुछ वे दस्तावेज़ सौंपे हैं जो इराक में लड़ाई से पहले मिली ख़ुफ़िया सूचनाओं पर आधारित हैं. मंत्रालय से पंद्रह दस्तावेज़ मांगे गए थे लेकिन समयसीमा समाप्त होने से पहले वह ग्यारह दस्तावेज़ ही सौंप पाया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रिचर्ड बाउचर का कहना है, "हमने पूरा सहयोग किया है". उनका कहना था कि बाक़ी दस्तावेज़ भी जल्दी ही मुहैया करा दिए जाएँगे. सीनेट की यह समिति उन सुबूतों की जाँच कर रही है जो बुश प्रशासन ने इराक़ पर हमले को उचित ठहराते हुए पेश किए थे.
इस बारे में सीआईए, पेंटागॉन और व्हाइट हाउस तीनों को एक ही समयसीमा दी गई थी. इराक़ पर हमले से पहले की जानकारी अमरीका में एक राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है. सीनेट की समिति ने इस बारे में मांग करत हुए जो पत्र लिखा था उसमें कहा गया था कि इराक़ के बारे में ख़तरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने इराक़ पर हमले के पहले सीआईए की इस सूचना का उपयोग अमरीकी जनता को दिए गए अपने एक संदेश में किया था. मगर बाद में सीआईए प्रमुख जॉर्ज टेनेट ने कहा था कि उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति को जो जानकारी दी थी वह ग़लत थी. समझा जा रहा है कि जब अंतिम रिपोर्ट पेश होगी तो उसमें टेनेट को काफ़ी हद तक ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा. जबकि विपक्षी सदस्यों का मानना है कि टेनेट को व्यर्थ में ही निशाना बनाया जा रहा है. |
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