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प्रतिनिधि सभा ने रक़म मंज़ूर की
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के लिए एक अच्छी ख़बर है. इराक़ में ख़र्च के लिए उन्हें एक सदन से तो धन की मंज़ूरी मिल गई है. अमरीकी संसद-कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में ख़र्च के लिए साढ़े 87 अरब डॉलर की सहायता राशि को मंज़ूरी दे दी है. इसे राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की एक बड़ी जीत माना जा रहा है. प्रतिनिधि सभा से पहले सीनेट ने यह प्रस्ताव दिया था कि स्वीकृत राशि में से आधी कर्ज़ के रूप में दी जानी चाहिए. लेकिन प्रतिनिधि सभा ने सीनेट के इस प्रस्ताव की अनदेखी करते हुए पैकेज को 121 के मुक़ाबले 298 मतों से पारित कर दिया. स्वीकृति राशि में से 65 अरब डॉलर सैनिक अभियान पर ख़र्च किए जाएंगे जबकि क़रीब साढ़े 18 अरब डॉलर युद्ध से प्रभावित इन दोनों देशों के पुनर्निर्माण पर ख़र्च होंगे. राष्ट्रपति बुश ने सीनेट के इस प्रस्ताव पर अपनी दुविधा जताई थी कि आधी राशि को कर्ज़ के रूप में दिया जाए. बुश का कहना था कि अगर ऐसा हुआ तो इन देशों में स्थिरता की कोशिशों की गति कम हो जाएगी.
राष्ट्रपति बुश ने तो यहाँ तक कह दिया था कि अगर विधेयक में कर्ज़ वाली बात शामिल की गई तो वे उसे वीटो कर देंगे. उम्मीद की जा रही है कि प्रतिनिधि सभा की स्वीकृति के बाद अब सीनेट भी इसे पास कर देगी. दूसरी तरफ इस विधेयक का विरोध करने वालों का कहना है कि किस तरह यह राशि ख़र्च की जाएगी, इस पर नियंत्रण का कोई तरीक़ा नहीं होगा. डेमोक्रेट प्रतिनिधि डेविड ओबे ने कहा, "लंबे समय तक हमें इस विधेयक पर मतदान के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा." |
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