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इराक़ से कर्मचारी हटाएगा रेड क्रॉस
अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने कहा है कि वह इराक़ में अपने विदेशी कर्मचारियों की संख्या कम करेगा. समिति के बग़दाद स्थित मुख्यालय पर सोमवार को बम हमला हुआ था. वैसे रेड क्रॉस ने ये ज़रूर स्पष्ट किया कि वह देश से पूरी तरह नहीं हट रहा है. वहाँ उसके 30 अंतरराष्ट्रीय और 600 इराक़ी कर्मचारी हैं. इराक़ी राजधानी पर एक के बाद एक हुए हमलों में 30 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें रेड क्रॉस के भी दो कर्मचारी थे. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने मंगलवार को व्यक्तिगत तौर पर रेड क्रॉस के प्रमुख से अपील की थी कि वह इराक़ से काम नहीं समेटें. रेड क्रॉस का ये फ़ैसला 'मेडिसिन्स सैंस फ़्रंटियर्स' के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि वह इराक़ में मौजूद सात में से चार कर्मचारियों को वापस बुला रहा है.
इससे पहले अगस्त में इराक़ के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर हुए हमले के बाद कई सहायता संगठनों और ग़ैर-सरकारी संगठनों ने वहाँ से कर्मचारियों को वापस बुला लिया है. उस हमले में 20 लोग मारे गए थे. इस बीच मंगलवार को बग़दाद के उत्तर में भी अमरीका के दो कर्मचारी मारे गए थे. इस तरह एक मई के बाद से अमरीका के 115 सैनिक मारे जा चुके हैं. वहीं अमरीका के एक ग्रुप का कहना है कि इराक़ युद्ध में 13,000 इराक़ी और 4,300 नागरिक मारे गए थे. विकल्प नहीं उधर रेड क्रॉस के विभिन्न अभियानों की देखरेख करने वाले पियरे क्राहेनब्यूहल ने कहा, "आईसीआरसी इराक़ से पूरी तरह नहीं हट रहा है." उन्होंने कहा, "हम अपने अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों की संख्या कम कर रहे हैं और बाक़ी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा रहे हैं." उनका कहना था, "हमारे पास कोई और विकल्प ही नहीं है." प्रमुख के अनुसार कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता है और किसी भी विदेश या इराक़ी कर्मचारी से पूछा जाएगा कि वह वहाँ रहना चाहता है या जाना चाहता है. |
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