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'अमरीका हिंसक वारदातों से नहीं डरेगा'
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ में अमरीकी सेना पर हुए ताज़ा हमलों के बाद सद्दाम हुसैन के समर्थकों और 'विदेशी आतंकवादियों' को दोषी ठहराया है. उन्होंने ये माना कि इराक़ अब भी ख़तरनाक जगह है लेकिन साथ ही कहा कि अमरीका इन हमलों से डरने वाला नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी है कि इराक़ के पड़ोसी देश ईरान और सीरिया अपनी सीमाओं से 'आतंकवादियों' को इराक़ के अंदर न घुसने दें. बुश ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "हम इन देशों के साथ इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि हम उनसे उनकी सीमाओं पर कड़ी चौकसी चाहते हैं जिसे वे लागू करें."
मंगलवार को इराक़ के फ़लूजा शहर में विस्फोट में कम से कम छह लोग मारे गए थे और 35 से ज़्यादा घायल हो गए. उससे एक दिन पहले सोमवार को बग़दाद में हुए कई विस्फोटों में कम से कम 34 लोग मारे गए थे और 200 से ज़्यादा घायल हो गए थे. मंगलवार को भी फ़लूजा के अलावा कई स्थानों पर हिंसक घटनाएं हुईं. बसरा में एक सड़क पर विस्फोट हुआ जिसमें कुछ इराक़ी और अमरीकी सैनिक घायल हो गए. बसरा इलाक़े में ब्रितानी सेनाओं का नियंत्रण है. रिपोर्टों के अनुसार मूसल के उत्तरी भाग में एक पुलिस थाने पर हुए हमले में दो आम नागरिक मारे गए. मूसल और तिकरीत में अमरीकी सेना के नाकों पर भी हमले हुए हैं. बुश ने हमलावरों की निंदा करते हुए कहा कि वे लोग ज़रूर बाथ पार्टी के सदस्य या 'विदेशी आतंकवादी' होंगे. उन्होंने कहा कि बाथ पार्टी के समर्थक देश में अशांति फैलाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि एक स्वतंत्र इराक़ में उन्हें वे सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी जो सद्दाम हुसैन के दौर में मिलती थीं. बुश ने कहा कि अमरीकी सैनिक इराक़ी सीमाओं पर निगरानी कर रही हैं और उसमें इराक़ी लोग और सैनिक उनका साथ दे रहे हैं. |
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