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फ़लूजा में कार बम विस्फोट; छह की मौत
इराक़ के फ़लूजा शहर में हुए कार बम विस्फोट में कम से कम चार लोग मारे गए हैं. विस्फोट शहर के मुख्य पुलिस स्टेशन के बाहर हुआ. स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर एक छोटी कार पर सवार था. उसने पुलिस स्टेशन के लगभग सौ मीटर दूर आ कर कार में विस्फोट कर दिया. अमरीकी सेना ने अभी तक इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. फ़लूजा का हमला इराक़ में लगातार बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का एक और संकेत है. सोमवार को राजधानी बग़दाद में कई कार बम विस्फोट हुए, जिनमें 35 लोग मारे गए. इन हमलों में लगभग 200 लोग घायल भी हुए. विदेशी हाथ
अमरीका और ब्रिटेन ने इन हमलों के लिए विदेशी लड़ाकों को ज़िम्मेदार ठहराया है. अमरीका की अगुआई वाले प्रशासन में प्रमुख ब्रिटिश प्रतिनिधि जेरेमी ग्रीनस्टॉक ने कहा, "सोमवार को हुए आत्मघाती हमले में जो रणनीति अपनाई गई, उससे पता चलता है कि उसमें विदेशी लड़ाके शामिल थे." बीबीसी के सुरक्षा संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर ने बताया है कि ख़ुफ़िया जानकार मानते हैं कि इसके पीछे अल क़ायदा का हाथ हो सकता है. गार्डनर का कहना है कि इराक़ में हमलों के पीछे विदेशी हाथ की बात अभी तक खुल कर सामने नहीं आई है. लेकिन ग्रीनस्टॉक का कहना है कि हमले में जिस तरह की शैली अपनाई गई, उससे हमलों में विदेशी हाथ का संकेत मिलता है. उन्होंने कहा, "सभी हमले आत्मघाती थे और इस तरह की रणनीति विदेशी आतंकवादी अपनाते हैं न कि सद्दाम समर्थक."
ग्रीनस्टॉक ने कहा कि अब इराक़ी भी इस बात को लेकर नाराज़ होने लगे हैं कि विदेशी अपनी लड़ाई के लिए उनकी ज़मीन का इस्तेमाल करने लगे हैं. लेकिन उत्तरी इराक़ में एक वरिष्ठ अमरीकी कमांडर मेजर जनरल रेमंड ओडिएरनो ने कहा कि जो भी लड़ाके उनकी सेना का विरोध कर रहे हैं, वे सभी इराक़ी ही हैं. सोमवार को एक कार बम विस्फोट अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति की इमारत के बाहर भी हुआ था. रेड क्रॉस समिति का कहना है कि वह इराक़ में अपने अभियान पर फिर से विचार कर रही है. लेकिन अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने राहत कार्य में जुटी एजेंसियों से अपील की है कि वे इराक़ से वापस जाने का विचार न करें. |
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