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युद्धविरोधी प्रदर्शनों में हज़ारों शामिल
अमरीका में हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने अमरीका से इराक़ से निकल जाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किए. राजधानी वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के क़रीब लगभग 20 हज़ार लोग हाथों में तख़्तियाँ लिए जमा हुए जिनमें इराक़ से अमरीकी सैनाओं की तुरंत वापसी की मांग की गई थी. इसी तरह के प्रदर्शन सैन फ़्रांसिस्को में हुए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इससे लोगों के रुख़ का पता चलता है.
वॉशिंगटन में प्रदर्शनकारी 'नौकरी दो युद्ध नहीं','बुश झूठे हैं' और 'संयुक्त राष्ट्र अंदर, अमरीका बाहर' जैसे पोस्टर लिए हुए थे. वॉशिंगटन में हुए प्रदर्शन में युवा, बुज़ुर्ग, अमरीकी मुसलमान और सैनिकों के परिवारजन शामिल हुए. सैन फ़्रांसिस्को के प्रदर्शन में शामिल किताबों की दुकान के मालिक बिल नेल्सन का कहना था, "हम चाहते हैं कि हमारी आवाज़ सुनी जाए क्योंकि हम अपनी सेनाओं की वापसी चाहते हैं." उनका कहना था," हम स्वास्थ्य और नौकरियाँ के लिए पैसा चाहते हैं न कि सैनिक छावनियों के लिए." लेकिन ये प्रदर्शन युद्ध की शुरुआत के दिनों में हुए प्रदर्शनों की तुलना मे कहीं छोटे हैं. अमरीका में बॉस्टन शहर में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था और लोगों का कहना है कि वियतनाम युद्ध के बाद से ये शायद सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था. इसके अलावा वॉशिंगटन,सैन फ्रांसिस्को और कुछ अन्य शहरों में बड़े प्रदर्शन हुए थे. उस दौरान पूरे दिन भर दुनिया के तमाम देशों में एक के बाद एक करके युद्ध विरोधी प्रदर्शनों का जैसे ज्वार सा आ गया था. जापान, हांगकांग, पाकिस्तान, मिस्र, रूस, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, फ़िलीपींस आदि देशों में प्रदर्शनकारियों ने अमरीका के ख़िलाफ़ अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर करने के लिए कई अलग-अलग तौर तरीक़े अपनाए थे. |
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