|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
होटल पर हमले से अमरीका चिंतित
अमरीका के वरिष्ठ अधिकारियों ने बग़दाद में एक होटल पर रॉकेट हमले के बाद खुलकर इराक़ में सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई है. अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने स्वीकार किया है कि अमरीका को इस पैमाने पर हमलों की आशंका नहीं थी. इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने कहा है कि ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि आतंकवादी समूह और बेहतर तरीक़े से संगठित हो रहे हैं. रविवार को बग़दाद के जिस होटल पर रॉकेटों से हमला हुआ उसमें अमरीका के रक्षा उपमंत्री पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ भी ठहरे हुए थे. अल रशीद नाम के इस होटल पर हुए हमले में अमरीकी मंत्री तो बाल-बाल बच गए मगर एक अमरीकी व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. इस इलाक़े में ही बाद में दो और विस्फोट हुए मगर उनमें किसी के घायल होने का कोई समाचार नहीं है. चिंता
अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने हमले के बाद ये स्वीकार किया कि अमरीका को ये आशंका नहीं थी कि उनके सैनिकों पर इस तरह के गंभीर हमले होंगे और लगातार होंगे. उन्होंने एनबीसी टेलीविज़न को बताया,"हमें ये अंदेशा नहीं था कि इतने लंबे समय तक ऐसे गंभीर हमले होते रहेंगे". अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि उनके सामने अभी काफ़ी काम बचा है और वे इससे पीछे नहीं हटेंगे. उधर बग़दाद में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने वाशिंगटन में कहा कि ऐसे प्रमाण मिल रहे हैं कि आतंकवादी समूह मज़बूत हो रहे हैं और उनका काम करने का तरीक़ा भी ख़तरनाक हो रहा है. कॉलिन पॉवेल और पॉल ब्रेमर ने इराक़ में बिजली की बहाली और बग़दाद में कर्फ़्यू में ढील जैसे सकारात्मक क़दमों पर ज़ोर दिया. मगर वाशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी फ़ौज़ों पर हमलों की संख्या बढ़ते रहने से बुश प्रशासन वाकई चिंतित है. संवाददाता का कहना है कि सरकार इसलिए भी चिंतित है क्योंकि अमरीकी जनता इराक़ में अपने सैनिकों की मौजूदगी को लेकर नाख़ुश होती दिख रही है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||