रजत गुप्ता अमरीका की अदालत में दोषी करार

न्यूयॉर्क की एक अदालत ने शेयर निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने और षडयंत्र रचने के मुकदमें में गोल्डमैन सैक्स के पूर्व निदेशक भारतीय मूल के रजत गुप्ता को कुल छह में से चार आरोपों में मुजरिम करार दिया है.
रजत गुप्ता के ख़िलाफ़ पिछले तीन हफ़्ते से संघीय अदालत में सुनवाई चल रही थी और 12 सदस्यों की ज्यूरी ने सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों के अलावा कई निजी कंपनियों के उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों की गवाही सुनने के बाद दो दिनों के भीतर ही फ़ैसला सुना दिया.
हाल के वर्षों में रजत गुप्ता कॉर्परेट जगत में सबसे उच्च स्तरीय अधिकारी हैं जिन्हें निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने का दोषी पाया गया है.
इस मुकदमें से जुड़े न्यूयॉर्क के अटर्नी प्रीत भरारा ने कहा, “कॉर्परेट जगत के एक इज़्ज़तदार अधिकारी से अब एक मुजरिम भेदिए बनने के बाद रजत गुप्ता कार्परेट बोर्ड रूम के बजाए जेल की काल कोठरी में रहेंगे. हमने दो साल पहले कहा था कि कॉर्परेट जगत में निवेश मामलों में धोखाधड़ी काफ़ी फैल गई है और आज के इस फ़ैसले से हमारी वह बात सच साबित हुई है.”
रजत गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने श्रीलंकाई मूल के अरबपति हेज फ़ंड मैनेजर राज राजारत्नम को ग़ैर क़ानूनी तौर पर गोल्डमैन सैक्स और बर्कशेयर जैसी कंपनियों की ख़ुफ़िया जानकारी दे दी थी, जिसके आधार पर शेयर बाज़ार में अवैध रूप से शेयरों की खरीद फ़रोख़्त की गई थी.
रजत गुप्ता उस समय गोल्डमैन सैक्स और प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनियों के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में शामिल थे, जिसके कारण उन्हे इन कंपनियों के बारे में महत्वपूर्ण व्यापारिक जानकारियां दी जाती थीं लेकिन नियमानुसार उन्हे गुप्त रखना होता था.
राजारत्नम
इस मुकदमें के दौरान संघीय अदालत में सरकारी वकील रीड ब्रोड्सकी का कहना था कि रजत गुप्ता ने अपनी ज़िम्मेदारियों को एक तरफ़ रखकर चोरी छुपे कंपनियों के राज़ और इन कंपनियों के व्यापार की गुप्त बातें ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से हेज फंड मैनेजर राजारत्नम को बताईं.
राज राजारत्नम पहले ही भेदिया कारोबार के दोषी क़रार दिए जा चुके हैं और उन्हे 11 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
अदालत में ज्यूरी के सामने सरकारी वकील रीड ब्रोड्सकी का कहना था, “जिस प्रकार राज राजारत्नम पर लगे आरोपों को सही ठहराया गया, उसी प्रकार रजत गुप्ता पर भी यह आरोप सही ठहराए जाने चाहिए.”

जबकि रजत गुप्ता के वकील गैरी नफ़तालिस ने अदालत में बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया कि रजत गुप्ता को सिर्फ़ इसलिए इन आरोपों में लिप्त माना जा रहा है क्यूंकि वह राज राजारत्नम के दोस्त रहे थे.
लेकिन बचाव पक्ष के दलीलों को खारिज करते हुए ज्यूरी ने रजत गुप्ता को तीन मामलों में धोखाधड़ी करने और एक मामले में साज़िश रचने का मुजरिम क़रार दिया.
धोखाधड़ी के ही अन्य दो आरोपों में रजत गुप्ता को बरी कर दिया गया, जिसमें से एक में प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स रहते हुए गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप था.
एक महीने तक चलने वाले इस मुकदमें में उनका परिवार हर रोज़ अदालत में मौजूद रहता था.
शुक्रवार को जिस समय अदालत में रजत गुप्ता के ख़िलाफ़ फ़ैसला सुनाया गया तो उनकी पत्नी और चार बेटियां भी मौजूद थीं. वह आपस में गले मिलकर रो रही थीं.
लेकिन रजत गुप्ता मुजरिम करार दिए जाने का फ़ैसला सुनने के बाद भी खु़द पर काबू रखे हुए थे और शांत नज़र आ रहे थे.
रजत गुप्ता के वकील गैरी नफ़तालिस ने इस फ़ैसले पर मायूसी जताते हुए कहा, “हमारा मानना है कि जो तथ्य इस मुकदमें में सामने लाए गए थे, वह दर्शाते हैं कि रजत गुप्ता बेकसूर हैं. रजत गुप्ता ने हमेशा सच्चाई और ईमानदारी से काम लिया है.”
रजत गुप्ता के वकील ने अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने का फैसला किया है.
आरोप
रजत गुप्ता पर आरोप थे कि उन्होंने 2008 में आर्थिक मंदी के दौर की शुरूआत के समय राजारत्नम को कथित तौर पर यह बताया था कि गोल्डमैन सैक्स कंपनी को 2008 के आखिर में नुकसान होगा. इस सूचना के आधार पर राजारत्नम ने शेयर बाज़ार में करोड़ों डॉलर का मुनाफ़ा कमाया.
इसी प्रकार रजत गुप्ता पर आरोप था कि वॉरेन बफ़ेट की कंपनी बर्कशेयर के बारे में भी सूचना दी थी कि वह गोल्डमैन सैक्स में पैसे लगाने वाली है, जिसके बाद राजारत्नम ने 2008 में शेयर बाज़ार बंद होने से कुछ मिनट पहले ही ढेर सारे शेयर ख़रीद लिए थे, जिससे करोंड़ों का फ़ायदा हुआ था.
भारतीय मूल के वकील रवी बत्रा मानते हैं कि ज्यूरी ने अपने हिसाब से ठीक फ़ैसला दिया है.
रवी बत्रा कहते हैं,“ज्यूरी के सदस्यों ने जिस प्रकार सरकारी पक्ष द्वारा पेश किए गए तथ्यों को बखूबी जांच परख के फ़ैसला लेने की शपथ ली थी उसी हिसाब से उन्होंने रजत गुप्ता को तभी मुजरिम करार दिया जब आरोप पूरी तरह सिद्व हो गए.”
तिरसठ साल के रजत गुप्ता भारत में जन्में और अमरीका के हार्वर्ड विश्विद्यालय से एमबीए की डिग्री लेने के बाद अमरीकी कॉर्परेट जगत में जाना माना नाम बन गए थे.
वह मशहूर अमरीकी कंपनी मैकेंज़ी के मुखिया भी रहे.
मुजरिम क़रार दिए जाने के बाद रजत गुप्ता अब उन 60 वॉल स्ट्रीट के व्यापारियों और कॉर्परेट अधिकारियों में शामिल हो गए हैं, जिनपर निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने के आरोप या तो सिद्व हो गए हैं या उन्होंने ख़ुद ही जुर्म क़बूल कर लिया है.
रजत गुप्ता को 18 अक्तूबर को सज़ा सुनाई जाएगी और तब तक वह आज़ाद रहेंगे. उन्हे 25 साल तक की क़ैद हो सकती है.












