फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र के आस-पास कैसी है दुनिया.
इमेज कैप्शन, नोरियो किमुरा ने अपनी पत्नी, पिता और सात साल की बेटी को मार्च 2011 की सुनामी में गंवा दिया था. और अब उन्हें डर है कि उनकी ज़मीन भी नहीं बच पाएगी. फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के पास की ज़मीन को परमाणु कचरा इकट्ठा करने की जगह घोषित किया जा सकता है.
इमेज कैप्शन, किमुरा की तरह कई और लोग भी हैं जो सरकार से नाराज़ हैं. वे नहीं चाहते कि सरकार 3 करोड़ टन कचरा उनके पुराने घर के आस-पास इकट्ठा करे.
इमेज कैप्शन, फुकुशिमा संयंत्र में हुई दुर्घटना के बाद किमुरा को जगह छोड़ने के लिए कह दिया गया था. ओकुमा शहर फुकुशिमा संयंत्र से महज दो मील की दूरी पर स्थित है. महीनों बाद उन्हें अपनी पत्नी और पिता के शव मिले थे.
इमेज कैप्शन, चार साल बाद भूकंप और सुनामी की तबाही के बाद किमुरा आज भी युना की तलाश में अपने घर लौटते हैं, स्वास्थ्य निर्देशों के मुताबिक उन्हें अधिकतम पांच घंटे तक इस क्षेत्र में रहने की इजाजत है.
इमेज कैप्शन, हादसे के बाद से ही जापान अभी तक प्लांट के इर्द-गिर्द विकिरण का असर कम करने के लिए 15 अरब डॉलर से ज्यादा दे चुका है.
इमेज कैप्शन, ओकुमा और फुताबा शहर में जापान की योजना एक स्थायी भंडारण सुविधा बनाने की है. हालांकि स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं. फोतुबा भी संयंत्र से लगा एक शहर है जो परमाणु विकिरण से प्रभावित है. सभी तस्वीरें और कैप्शनः समाचार एजेंसी रायटर्स