ऑनर किलिंग के लिए पिता को जेल भिजवाने वाली कौशल्या

इमेज स्रोत, NATHAN G
- Author, स्वामीनाथन नटराजन
- पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस
ये सब कुछ एक सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हुआ.
दोपहर के समय दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए हमलावरों ने शंकर और कौशल्या पर चाकुओं से हमला किया और भाग गए.
इस हमले के बाद शंकर को अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई है.
लेकिन उनकी पत्नी कौशल्या बहुत बुरी तरह से घायल हुईं और उनके इलाज के दौरान सिर में 36 टांके लगाए गए.
कौशल्या और शंकर पर हमले की वजह उनका अंतरजातीय विवाह था.
कौशल्या ने सामाजिक मान्यताओं को तोड़ते हुए अपनी से छोटी जाति के शंकर से शादी की.
इसके बाद कौशल्या के पिता ने ही उनके ऊपर हमला करवाया.
चोट से उबरने के बाद कौशल्या ने अपने पिता को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. इस घटना के काफ़ी समय बाद उन्होंने एक बार फिर शादी की है.
लेकिन बीबीसी के साथ बातचीत में वो कहती हैं कि अब एक बार फिर उन्हें अपनी जान का डर सताने लगा है.
कौशल्या के पिता ने करवाया हमला
हमले के बाद कौशल्या ने साहस का परिचय दिया और अपने घरवालों के ख़िलाफ़ कानूनी मुकदमा लड़ा.
उनकी इस कोशिश के लिए तमिलनाडु में उन्हें साहस का प्रतीक के रूप में देखा जाता है.

इमेज स्रोत, NATHAN G
हमले के बाद कौशल्या ने अस्पताल में ही पुलिसवालों को अपना बयान दिया था.
इस बयान में कौशल्या ने अपने ऊपर हमले के लिए अपने माता-पिता को ज़िम्मेदार ठहराया था.
इसके बाद पुलिस को भी अपनी जांच में पता चला कि कौशल्या के पिता ने ही ये हमला करवाया था और इसके लिए पैसे भी दिए थे.
क्योंकि कौशल्या के पिता इस बात से खुश नहीं थे कि उनकी बेटी एक दलित लड़के से शादी करे.


न्याय के लिए संघर्ष
कौशल्या दक्षिण भारत की राजनीतिक रूप से प्रभावशाली और ज़मीदार जाति थेवर से आती हैं.
ऐसे में कौशल्या का एक दलित पुरुष से शादी करना थेवर जाति के लिए असम्मान के प्रतीक के रूप में देखा गया जिसके बाद कौशल्या के पिता ने अपनी बेटी पर हमला करवाने का फ़ैसला किया.

इस जानलेवा हमले और उसके बाद की कानूनी लड़ाई ने कौशल्या की ज़िंदगी बदलकर रख दी.
अपने पिता के ख़िलाफ़ दर्ज कराए मुकदमे के दौरान कौशल्या को दर्जनों बार कोर्ट जाना पड़ा ताकि वह अपने घरवालों की जमानत की अर्जी रद्द करा सकें.
इस मामले में स्थानीय अदालत ने उनके पिता चिन्नास्वामी को मृत्युदंड दिया था जिसके ख़िलाफ़ वह अपील कर सकते हैं.
लेकिन उनकी मां और दो अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया.

दोबारा की शादी
अपने पति को खोने के बाद पैदा हुए तनाव का सामना करने के लिए कौशल्या ने पराई (एक प्रकार का ड्रम) बजाना शुरू किया जिसे दलित जाति परियाह से जोड़कर देखा जाता है.

पराई सीखते हुए कौशल्या की मुलाक़ात शक्ति से हुई. इसके बाद 9 दिसंबर को कौशल्या ने उनसे शादी कर ली.
कौशल्या के दूसरे पति भी एक अलग जाति से आते हैं.
21 साल की कौशल्या बताती हैं, "कई लोग हमें बधाई संदेश भेज रहे हैं लेकिन हमें अनजान लोगों से धमकियां भी मिल रही हैं. हमारे घरवाले और दोस्त काफ़ी चिंतित हैं."
"आमतौर पर सोशल मीडिया पर जो भी लिखा जा रहा है, हम उसे नज़रअंदाज करते हैं. लेकिन कुछ लोग हमें फोन करके चेतावनी दे रहे हैं. कुछ लोग विदेशों से भी फोन करके हमें गालियां दे रहे हैं."

मौत की धमकियां
कौशल्या ने जब से एक दलित युवक से शादी की है तब से उन्हें उनकी जाति के ही लोगों से ही जाति को शर्मसार करने के लिए धमकियां मिलना शुरू हुई थीं.
इसके बाद कौशल्या के पास पुलिस से सुरक्षा लेने के सिवा कोई चारा नहीं था.
बीते दो सालों से उनके साथ निशस्त्र महिला कॉन्स्टेबुल थीं.
कौशल्या कहती हैं कि जब से उन्होंने दूसरी शादी की है तब से ये कॉन्स्टेबुल भी उनके साथ नहीं हैं.
इस दंपति के मुताबिक़, उन पर हर तरफ से दबाव डाला जा रहा है.
हालांकि, पुलिस इस बात से इनकार करती है कि सुरक्षा हटाई गई है.
जबकि कौशल्या ने बीबीसी को बताया है कि उन्हें दी गई सुरक्षा अब तक वापस नहीं आई है.


बदलाव की लहर
कौशल्या कहती हैं कि वे अंतरजातीय विवाह करने वालों को सुरक्षा दिए जाने के लिए एक क़ानून लाने का अभियान चला रही हैं और ये धमकियां उन्हें उनके अभियान से पीछे नहीं हटाएंगी.

इमेज स्रोत, Empics
वह कहती हैं, "कई लोग मुझे बता रहे हैं कि मेरे भाषण को सुनने के बाद अंतर-जातीय विवाह को लेकर उनके रुख में बदलाव आया है."
"मैं अपने आपको बदलाव की बयार के रूप में देखती हूं."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














