जिस समय सऊदी अरब में अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों के बीच
वार्ता हो रही थी, यूक्रेन के राष्ट्रपति तुर्की में थे.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हम
सबकुछ पारदर्शी चाहते हैं ताकि कोई पीठ पीछे कुछ न तय करे...हमें रूस-अमेरिकी
वार्ता में आमंत्रित नहीं किया गया था. बाकी लोगों की तरह हमारे लिए भी यह हैरानी वाला
था. हमें मीडिया से पता चला.”
ज़ेलेंस्की ने कहा, “अमेरिका के साथ रक्षा गारंटी के मुद्दे पर
आगे की प्रगति में और इस वार्ता में यूक्रेन के अलावा यूरोपीय संघ, तुर्की और
ब्रिटेन को भी शामिल करना चाहिए. ”
उन्होंने कहा कि यूक्रेन किसी भी क़ीमत
पर रूस द्वारा कब्ज़ाए इलाक़ों को मान्यता नहीं देगा. पूर्व का इलाक़ा हमारा है, क्राइमिया
हमारा है और वे सभी क़स्बे और गांव हमारे लिए अहम हैं.
ज़ेलेंस्की ने इस सप्ताह होने वाली अपनी
सऊदी अरब यात्रा को भी 10 मार्च तक स्थगित करने की बात कही.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
सऊदी अरब में हुई रूस के साथ बातचीत पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुए फ़ोन कॉल के बाद यह मीटिंग हुई हैं.”
उन्होंने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि रूस, यूक्रेन जंग को ख़त्म करने के लिए गंभीर प्रक्रिया को शुरू करने का इच्छुक है.
उन्होंने कहा, “दोनों देश एक दूसरे देशों के राजदूतों को बहाल करने पर सहमत हुए हैं. इन गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय कूटनीतिक मिशन की ज़रूरत है.”
यूक्रेन की गैर मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि किसी को भी दरकिनार नहीं किया जा रहा है. अमेरिका आगे बातचीत में यूक्रेन और यूरोपीय संघ दोनों को शामिल करेगा. इस संघर्ष में शामिल हर पक्ष को इसे स्वीकार करना होगा और ये उनको स्वीकार्य होना चाहिए.
रूस के ख़िलाफ़ लगे प्रतिबंधों पर उन्होंने कहा कि संघर्ष ख़त्म करने केलिए हर पक्ष को रियायत देनी होगी. यूरोपीय यूनियन को भी एक वक्त में वार्ता में शामिल होना होगा क्योंकि उन्होंने भी रूस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने मंगलवार की वार्ता को यूक्रेन जंग को ख़त्म करने की मुश्किल और लंबी यात्रा में पहला क़दम बताया.