यूक्रेन जंगः रूस और अमेरिका के बीच वार्ता से ज़ेलेंस्की क्यों नाराज़
जिस समय सऊदी अरब में अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता हो रही थी, यूक्रेन के राष्ट्रपति तुर्की में थे.
सारांश
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 18 फ़रवरी से शुरू हो रहा है. इससे पहले, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन के बाहर प्रदर्शन किया.
कनाडा के टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट पर हुई विमान दुर्घटना में क्रू समेत सभी यात्री सुरक्षित बच गए. यह जानकारी एयरपोर्ट्स अथॉरिटी की चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर ने दी.
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है कि जो लोग आज लालू यादव को गालियां दे रहे हैं, वही लोग एक दिन उनको भारत रत्न देंगे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार टैरिफ़ लगाने की बात दोहराई है. उन्होंने दुनिया के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाने की बात कही है.
लाइव कवरेज
हिमांशु दुबे और संदीप राय
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता संदीप राय को दीजिए इजाज़त.
कल हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.
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इमेज कैप्शन, क़तर नेशनल बैंक में भारतीय यूपीआई के संचालन पर भारत और क़तर के बीच बनी सहमति
क़तर के
अमीर, शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों
के बीच दो समझौते और पांच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोनों देशों के बीच हुए अहम सौदों की
जानकारी दी है.
एक्स पर दी
जानकारी के अनुसार, क़तर में क़तर नेशनल बैंक में भारतीय यूपीआई के संचालन पर
सहमति बनी है.
दोनों देशों
के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दो गुना करने और भारत-क़तर फ़्री ट्रेड
एग्रीमेंट की संभावना तलाशने पर सहमति बनी.
भारत में
क़तर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी खोलने पर भी सहमति हुई है. साथ ही क़तर ने भारत में 10
अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है.
भारत की
गिफ़्ट सिटी में क़तर नेशनल बैंक की शाखा खुलेगी.
क़तर के
नागरिकों को भारत का ई-वीज़ा देने की शुरुआत की जाएगी.
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समझौते और एमओयू
द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने पर सहमति बनी.
दोहरे करादान से बचने के लिए समझौते में सुधार पर सहमति बनी, साथ ही आमदनी पर टैक्स के संदर्भ में प्रिवेंशन ऑफ़ फ़िजिकल इवेज़न पर भी सहमति बनी.
दोनों देशों के वित्त मंत्रालयों और सरकारों के बीच वित्तीय और आर्थिक सहयोग को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया.
दोनों सरकारों के बीच युवा और खेलों के क्षेत्र में आपसी सहयोग के संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.
इसके अलावा नेशनल आर्काइव्स ऑफ़ इंडिया, इनवेस्ट इंडिया और इनवेस्ट क़तर के बीच सहयोग और भारतीय और क़तर के उद्योगपतियों के बीच सहयोग को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.
यूक्रेन जंगः रूस और अमेरिका के बीच वार्ता से ज़ेलेंस्की क्यों नाराज़
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इमेज कैप्शन, ज़ेलेंस्की ने कहा कि इस वार्ता में यूक्रेन को आमंत्रित नहीं किया गया और उन्हें मीडिया से इसकी जानकारी मिली.
जिस समय सऊदी अरब में अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों के बीच
वार्ता हो रही थी, यूक्रेन के राष्ट्रपति तुर्की में थे.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हम
सबकुछ पारदर्शी चाहते हैं ताकि कोई पीठ पीछे कुछ न तय करे...हमें रूस-अमेरिकी
वार्ता में आमंत्रित नहीं किया गया था. बाकी लोगों की तरह हमारे लिए भी यह हैरानी वाला
था. हमें मीडिया से पता चला.”
ज़ेलेंस्की ने कहा, “अमेरिका के साथ रक्षा गारंटी के मुद्दे पर
आगे की प्रगति में और इस वार्ता में यूक्रेन के अलावा यूरोपीय संघ, तुर्की और
ब्रिटेन को भी शामिल करना चाहिए. ”
उन्होंने कहा कि यूक्रेन किसी भी क़ीमत
पर रूस द्वारा कब्ज़ाए इलाक़ों को मान्यता नहीं देगा. पूर्व का इलाक़ा हमारा है, क्राइमिया
हमारा है और वे सभी क़स्बे और गांव हमारे लिए अहम हैं.
ज़ेलेंस्की ने इस सप्ताह होने वाली अपनी
सऊदी अरब यात्रा को भी 10 मार्च तक स्थगित करने की बात कही.
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
सऊदी अरब में हुई रूस के साथ बातचीत पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुए फ़ोन कॉल के बाद यह मीटिंग हुई हैं.”
उन्होंने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि रूस, यूक्रेन जंग को ख़त्म करने के लिए गंभीर प्रक्रिया को शुरू करने का इच्छुक है.
उन्होंने कहा, “दोनों देश एक दूसरे देशों के राजदूतों को बहाल करने पर सहमत हुए हैं. इन गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय कूटनीतिक मिशन की ज़रूरत है.”
यूक्रेन की गैर मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि किसी को भी दरकिनार नहीं किया जा रहा है. अमेरिका आगे बातचीत में यूक्रेन और यूरोपीय संघ दोनों को शामिल करेगा. इस संघर्ष में शामिल हर पक्ष को इसे स्वीकार करना होगा और ये उनको स्वीकार्य होना चाहिए.
रूस के ख़िलाफ़ लगे प्रतिबंधों पर उन्होंने कहा कि संघर्ष ख़त्म करने केलिए हर पक्ष को रियायत देनी होगी. यूरोपीय यूनियन को भी एक वक्त में वार्ता में शामिल होना होगा क्योंकि उन्होंने भी रूस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने मंगलवार की वार्ता को यूक्रेन जंग को ख़त्म करने की मुश्किल और लंबी यात्रा में पहला क़दम बताया.
यूक्रेन जंग: रूस और अमेरिका के बीच इन बातों पर बनी सहमति, विटाली शेवचेंको, रशिया एडिटर, बीबीसी मॉनिटरिंग
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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रूसी विदेश मंत्री सेरगेई लावरोफ़ के बीच वार्ता हुई.
रूस के विदेश मंत्री सेरगेई लावरोफ़ ने कहा है कि यूक्रेन की जंग
ख़त्म करने की दिशा में रूस और अमेरिका के बीच तीन बातों पर सहमति बनी है.
रियाद में हुई दोनों देशों के बीच वार्ता में तीन बातों पर सहमति बनी.
एक, जल्द से जल्द दोनों देश एक दूसरे के यहां राजदूत नियुक्त करेंगे ताकि
दूतावासों को बैंक ट्रांसफ़र पर लगे प्रतिबंधों समेत राजनयिक मिशनों की बाधाओं को
दूर किया जा सके.
दो, लावरोफ़ ने कहा कि यूक्रेन समझौते की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और
अमेरिका को अपने प्रतिनिधि नियुक्त करने हैं, उसके बाद हम अपने प्रतिनिधियों को नियुक्त
करेंगे.
तीन, विभिन्न क्षेत्रों में पूर्ण सहयोग और
उसे बढ़ाने की शुरुआत करने के हालात पैदा किए जाएंगे.
लावरोफ़ ने कहा, “यह बहुत उपयोगी बातचीत थी. हमने एक दूसरे
को सुना और एक दूसरे की बातों पर तवज्जो दी.”
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन ने जंग ख़त्म करने को लेकर अमेरिका और रूस के बीच उसके बिना वार्ता किए जाने पर आपत्ति जताई है.
हालांकि जिन मुद्दों पर असहमति थी, लावरोफ़ ने प्रेस कांफ़्रेंस में उनका भी ज़िक्र किया और यूक्रेन के नेटो में शामिल होने को रूस के लिए “सीधा ख़तरा” बताया.
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इस बातचीत की आलोचना करते हुए कहा कि यूक्रेन की ग़ैरमौजूदगी में यूक्रेन पर बात हुई है. इस बैठक में यूक्रेन और यूरोप के किसी अधिकारी को आमंत्रित नहीं किया गया था.
वार्ता के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि इस बातचीत में एक समय बाद यूरोप को भी साथ आना होगा.
रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर रूबियो ने कहा कि सभी पक्षों को रियायत देनी होगी, “हालांकि इस पर तुरंत बात होगी ये अभी नहीं कहा जा सकता. एक समय पर यूरोप को भी शामिल होना होगा क्योंकि उसने भी प्रतिबंध लगाए हैं.”
भोपाल गैस त्रासदीः कचरे को जलाने के मामले में हाई कोर्ट ने क्या कहा, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, मध्यप्रदेश के पीथमपुर में स्थानीय निवासी यूनियन कार्बाइड के कचरे के निपटान को अपने यहां किए जाने का विरोध कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मंगलवार को 40 साल
पुराने यूनियन कार्बाइड के ज़हरीले कचरे को पीथमपुर के औद्योगिक कचरा निपटान
संयंत्र में जलाकर उसके परीक्षण के आदेश दिए हैं.
1984 की भोपाल गैस
त्रासदी के बाद से ही यह वहीं पड़ा हुआ था और इसी साल 1 जनवरी की रात
सुरक्षित कंटेनर्स में रखकर पीथमपुर पहुंचाया गया था.
स्थानीय लोगों ने पीथमपुर में इसके जलाए
जाने का विरोध किया था जिसमें दो लोगों ने आत्मदाह की भी कोशिश की थी. इसी के
विरोध में हाइकोर्ट में याचिका दायर की गई थी.
योजना के
अनुसार, हर बैच में 10 टन कचरे को जलाया जाना है जिसकी
प्रक्रिया 27 फरवरी को शुरू होगी.
हालांकि तीन चरणों में होने वाली इस
प्रक्रिया के हर चरण के बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राख का परीक्षण करेगा
और फिर आगे की प्रक्रिया तय होगी.
याचिका में इंटरवीनर के तौर पर शामिल
रचना ढींगरा ने बीबीसी से कहा कि, “हाइकोर्ट ने फिलहाल ट्रायल रन का आदेश
दिया है."
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल ने पीथमपुर संयंत्र के आस पास के स्रोतों के दूषित होने की बात कही है इसके बावजूद सरकार इस संयंत्र में ज़हरीला कचरा जलाने पर क्यों आमादा है?
दिसंबर 1984 में यूनियन
कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव से हजारों
लोगों की मौत हो गई थी.
घटना के लगभग 40 साल बाद 4
दिसंबर 2024 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए चार सप्ताह
के अंदर कचरे को भेजने का आदेश दिया था.
क़तर में बंद पूर्व नौसेना अधिकारी पर क्या पीएम मोदी और क़तर के अमीर में बात हुई?
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क़तर में पूर्व नौसैनिक अफ़सर के जेल में बंद होने के सवाल पर भारतीय
विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.
कांसुलर,
पासपोर्ट, वीज़ा और ओवरसीज़ इंडियन अफ़ेयर्स (सीपीवी एंड ओआईए) सचिव अरुण कुमार चटर्जी
ने कहा, “उनका मामला अभी क़तर की एक स्थानीय
कोर्ट में विचाराधीन है और प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण
के लिए अमीर और उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे कामों की सराहना की है.”
एक सवाल
के जवाब में उन्होंने कहा कि क़तर की जेलों में इस समय 600 भारतीय नागरिक बंद हैं
और समय समय पर उन्हें रिहा किया गया है. साल 2024 में इसी तरह 85 नागरिकों
को माफ़ी देकर रिहा किया गया.
क़तर के
अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी की इस समय भारत की यात्रा पर हैं और दोनों देशों के बीच दो समझौते और
पांच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं.
मंगलवार
को हुई द्विपक्षी वार्ता में दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी में
बदलने पर सहमति बनी.
एक सवाल के जवाब में क़तर में भारत के राजदूत विपुल ने कहा, "क़तरी प्रशासन के कब्जे में कोई गुरु ग्रंथ साहिब नहीं है."
असल में बीते अगस्त में भारत ने क़तर में गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियां ज़ब्त किए जाने का मुद्दा उठाया था. बिना अनुमति के धार्मिक संस्थान चलाने के आरोप में क़तर प्रशासन ने ऐसा क़दम उठाया था.
कुंभ को लेकर ममता बनर्जी के बयान पर विवाद, बीजेपी ने दी तीखी प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने कुंभ में व्यवस्था में कमी को भगदड़ के लिए ज़िम्मेदार बताया है.
प्रयागराज में चल रहे कुंभ को
लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक विवादित टिप्पणी पर बीजेपी ने
पलटवार किया है.
मंगलवार
को विधानसभा में सीएम ममता बनर्जी ने कुंभ में हुई भगदड़ में हुई मौतों को लेकर मेला प्रशासन
पर सवाल खड़ा किया.
उन्होंने मेले में वीआईपी कल्चर पर निशाना
साधा और कहा, “अमीरों और वीआईपी के लिए वहां एक लाख
रुपये तक के किराए वाले टेंट उपलब्ध हैं.”
साथ ही उन्होंने पर्याप्त व्यवस्था न होने के आरोप लगाते हुए कहा, "मैं महा कुंभ का सम्मान करती हूं, मैं पवित्र गंगा
मां का सम्मान करती हूं. लेकिन वहां कोई योजना नहीं थी. कितने लोगों को बचाया गया? मेला में
भगदड़ की स्थिति आम बात है, लेकिन व्यवस्था करना अहम होता है. आपकी क्या व्यवस्था
थी?”
बीजेपी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी की टिप्पणी पर बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
बीजेपी नेता केके शर्मा ने कहा, “जिस तरह इंडिया गठबंधन के लोग कुंभ पर विवाद खड़ा कर रहे हैं. इस तरह का बयान लोगों की आस्थाओं को चोट पहुंचा रहा है. बीजेपी इस तरह के बयानों की घोर भर्त्सना करती है.”
आंध्र प्रदेश में एनडीए की सरकार में उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण कुंभ स्नान के लिए मंगलवार को प्रयागराज पहुंचे थे और उन्होंने ममता बनर्जी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
उन्होंने कहा, “लाखों लोग यहां आ रहे हैं और उन्हें संभालना अपने आप में बड़ा काम है और किसी भी सरकार के लिए मुश्किल चुनौती है. मुझे लगता है कि योगी सरकार ने बेहतरीन कार्य किया है. मैं सभी नेताओं से बयानों में संयम बरतने की अपील करता हूं.”
यूक्रेन जंग ख़त्म करने के लिए ज़ेलेंस्की से बात कर सकते हैं पुतिन, लेकिन...
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इमेज कैप्शन, पुतिन लगातार यूक्रेन के राष्ट्रपति की वैधता पर सवाल खड़े करते रहे हैं.
यूक्रेन
जंग ख़त्म करने के रूस की ओर से संकेत दिया गया है कि राष्ट्रपति पुतिन, यूक्रेन
के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से बात कर सकते हैं.
सऊदी अरब
में अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच
वार्ता में क्रेमलिन की ओर से संकेत दिया गया है कि अगर ज़रूरी हुआ तो ज़ेलेंस्की
के साथ बातचीत करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन तैयार हैं.
क्रेमलिन
के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा, “पुतिन ने
खुद कहा है कि अगर ज़रूरी हुआ तो वह ज़ेलेंस्की के साथ बातचीत करने के लिए तैयार
हैं. लेकिन चूंकि ज़ेलेंस्की की वैधता सवालिया घेरे में हो सकती है, इसे ध्यान में
रखते हुए समझौते के क़ानूनी आधार पर बातचीत की ज़रूरत है.”
पुतिन ने
लगातार ज़ेलेंस्की की वैधता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि राष्ट्रपति के रूप में उनका
कार्यकाल पिछले साल मई में ही ख़त्म हो चुका है.
यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि रूस के हमला और यूक्रेन में मार्शल
लॉ ने देश में राष्ट्रपति चुनावों को व्यावहारिक रूप से असंभव बना दिया है.
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी भारी जीत की ओर
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इमेज कैप्शन, स्थानीय निकाय चुनावों में भारी जीत पर बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है.
गुजरात
के स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ बीजेपी भारी जीत की
ओर है.
बीबीसी गुजराती के अनुसार, राज्य की 68 नगर पालिकाओं में हुए चुनाव में अधिकांश नतीजे घोषित किए जा चुके हैं.
स्थानीय
निकाय चुनावों में केवल एक म्युनिसिपल कार्पोरेशन जूनागढ़ के लिए मतदान हुआ था. यहां बीजेपी ने
स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए 48 सीटें जीती हैं. कांग्रेस को 11 और अन्य को एक सीट मिली है.
राज्य में कुल मिलाकर 8 म्युनिसिपल कार्पोरेशन हैं, जिनमें से सिर्फ़ जूनागढ़ म्युनिसिपल कार्पोरेशन के लिए मतदान हुआ है, जबकि बाकी का कार्यकाल अभी बचा है.
अभी तक कुल 1682 सीटों के नतीजे घोषित हुए है जिनमें बीजेपी ने 1278 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस
को केवल 236 सीटें मिली हैं.
इसके साथ
ही स्पष्ट हो गया है कि निकायों में बीजेपी की दबदबा बरकरार रहने वाला है.
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इमेज कैप्शन, स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए रविवार को हुआ था मतदान.
जूनागढ़ म्युनिसिपल कार्पोरेशन के अलावा 66 नगरपालिकाओं, तीन तालुका पंचायतों और कई उप चुनावों पर बीते रविवार को मतदान हुए थे.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, स्थानीय निकायों के लिए 215 सीटों पर बीजेपी निर्विरोध चुनी गई, जिनमें 196 सीटें नगरपालिकाओं में, 10 ज़िला और तालुका पंचायतों में और 9 जूनागढ़ म्युनिसिपल कार्पोरेशन में हैं.
यूक्रेन जंग को ख़त्म करने के लिए सऊदी अरब में अमेरिका और रूस के बीच बातचीत शुरू
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यूक्रेन
युद्ध को ख़त्म करने के मक़सद से अमेरिका और रूस के बीच सऊदी अरब में वार्ता शुरू
हो गई है.
तीन साल
पहले रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था उसके बाद से यह पहली ऐसी वार्ता है जिसमें
आमने सामने की मीटिंग हो रही है.
इस वार्ता में रूस के विदेश मंत्री सेरगेई लावरोव और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो शामिल हैं.
हालांकि इस मीटिंग में यूक्रेन या यूरोप से कोई भी आमंत्रित नहीं किया गया है.
बीबीसी संवाददाता टॉम बेटमैन के अनुसार, मीटिंग शुरू होने के पहले दोनों पक्षों में चुप्पी थी. जब मैंने रूबियो से पूछा कि क्या अमेरिका यूक्रेन को दरकिनार कर रहा है, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
अमेरिका का कहना है कि यह वार्ता ये जानने का पहला क़दम है कि क्या रूस युद्ध ख़त्म करने के लेकर गंभीर है, जबकि रूस का कहना है कि उसे अमेरिका के साथ संबंध सामान्य होने की उम्मीद है.
लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि बिना यूक्रेन को शामिल किए किसी भी समझौते को उनका देश स्वीकार नहीं करेगा.
यूरोपीय नेता भी वार्ता में शामिल होना चाहते हैं और सोमवार को उन्होंने एक इमरजेंसी बैठक की थी.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा कि स्थाई शांति समझौते की स्थिति में वह ब्रिटिश सैनिकों को यूक्रेन भेजने पर विचार करेंगे, हालांकि अभी तक अन्य देश उदासीन रहे हैं.
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर राहुल गांधी ने क्यों जताई असहमति?
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने नए सीईसी के चुने जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है.
सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली समिति की बैठक में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत का मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया.
चुनाव समिति की बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे और उन्होंने चुनाव पर अपनी असहमति दी थी.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "अगले मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन करने वाली समिति की बैठक में मैंने अपने असहमति नोट्स प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सौंपे हैं. एक स्वतंत्र चुनाव आयोग का सबसे अहम पक्ष यही है कि चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया कार्यपालिका के दख़ल से आज़ाद हो."
उन्होंने लिखा, "सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए और सीजेआई को कमेटी से हटाते हुए मोदी सरकार ने चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को लेकर करोड़ों मतदाताओं की चिताएं बढ़ा दी हैं."
राहुल गांधी ने सोमवार की आधी रात को नए सीईसी के नाम पर मुहर लगाए जाने को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों के लिए "अपमानजनक और विनाशकारी" बताते हुए सवाल उठाया कि 'जब 40 घंटों के अंदर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है तो क्यों इतनी जल्दबाज़ी की गई.'
ज्ञानेश कुमार 19 फ़रवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
भारत के लोकतंत्र को लेकर क्या बोले सीईसी राजीव कुमार
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इमेज कैप्शन, राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की जगह मौजूदा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत का नया मुख्य
चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है. वो 19 फ़रवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त की
ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
इससे पहले, राजीव कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “आज मेरा लास्ट दिन ज़रूर
है, लेकिन भारत का लोकतंत्र बहुत ही मज़बूत है. बहुत सुदृढ़ है और वोटर्स हमारे
इतने परिपक्व हैं, इतने समझदार हैं कि जब तक वो अपने मत का अधिकार इस्तेमाल करते
रहेंगे, तब तक लोकतंत्र मज़बूत रहेगा.”
उन्होंने कहा, “मुझे ख़ुशी है कि मैं
अपने साथियों को, जो अभी आने वाले हैं, बहुत सशक्त हाथों में आयोग छोड़कर जा रहा
हूं. वोटर्स की पूरी ताकत उनके पीछे रहेगी और जो डेढ़ करोड़ कर्मी हैं,
एम्प्लॉइज़ हैं, जो चुनाव कराते हैं, उनकी भी निष्पक्षता उनके पीछे रहेगी, तो
लोकतंत्र पल्लवित होता रहेगा, मज़बूत होता रहेगा. इसी आशा के साथ, थैंक्यू.”
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इमेज कैप्शन, ज्ञानेश कुमार 19 फ़रवरी को पद संभालेंगे.
दरअसल, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत का मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है. नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली समिति की बैठक में सोमवार को यह फ़ैसला किया गया.
रणवीर इलाहाबादिया को इंडियाज़ गॉट लेटेंट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ़्तारी से दी राहत, उमंग पोद्दार, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, @BeerBicepsGuy
इमेज कैप्शन, सोशल मीडिया इन्फ़्लूएंसर रणवीर इलाहाबादिया के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र और असम में एफ़आईआर दर्ज की गई थी
सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया इन्फ़्लूएंसर रणवीर इलाहाबादिया
को गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत दी है. यह मामला यूट्यूब पर प्रसारित होने वाले एक
शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' से जुड़ा है.
रणवीर ने यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में माता-पिता को लेकर एक टिप्पणी की थी. इस पर विवाद शुरू हो गया था.
रणवीर के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र और असम
में एफ़आईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में रणवीर ने सुप्रीम कोर्ट में
एक याचिका दाख़िल की थी.
मंगलवार को इस
मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर को
गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत दी और इस मामले में होने वाली जांच में सहयोग करने को कहा.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस टी. कांत और एन. कोटेश्वर सिंह की बेंच ने यह आदेश पास किया. सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर से कहा है कि इस बीच, वो कोई शो न करें.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर उनके (रणवीर) ख़िलाफ़ कोई अन्य एफ़आईआर दर्ज की जाती
है, तो भी उनको गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा. इस मामले में उनके ख़िलाफ़ अब अन्य कोई एफ़आईआर दर्ज नहीं होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को कहा है कि वो अपना पासपोर्ट ठाणे पुलिस
स्टेशन में जमा करवाएं. सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लिए बिना रणवीर देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे.
रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि उनको और उनके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं. इस पर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में वो सुरक्षा के लिए पुलिस के पास जा सकते हैं.
यूपी विधानसभा का बजट सत्र आज से, सपा विधायकों ने किया प्रदर्शन
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इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया है
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 18 फ़रवरी से
शुरू हो रहा है.
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा
भवन के बाहर कई मुद्दों को लेकर बीजेपी के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन
किया.
समाजवादी पार्टी ने एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के
विधायकों ने कुंभ में हुई मौतों के आंकड़े जारी करने, किसानों के विरुद्ध
हो रहे अन्याय, बेरोज़गारी, महंगाई आदि मुद्दों
को लेकर यूपी सरकार को घेरा.
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “सदन
18 फ़रवरी से लेकर 5 मार्च तक के लिए प्रस्तावित किया गया है. उत्तर प्रदेश के
इतिहास में ऐसे बहुत कम क्षण आए हैं, जब इतने लंबे समय के लिए सदन बुलाया गया
हो.”
उन्होंने कहा, “सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संपन्न हो,
यह केवल सत्ता पक्ष का ही दायित्व नहीं होता है, बल्कि विपक्ष का भी उतना ही
महत्वपूर्ण दायित्व बनता है.”
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इमेज कैप्शन, यूपी के सीएम योगी ने कहा है कि वो आश्वस्त करते हैं कि जिस भी मुद्दे पर विपक्ष चर्चा करना चाहेगा, तो सरकार उसका तथ्यात्मक जवाब देने के लिए तैयार है
सीएम योगी ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि हार की हताशा से परेशान विपक्ष अपनी इस खुन्नस को सदन पर नहीं उतारेगा. सदन की कार्रवाई को सुचारू रूप से संचालन करने में एक सकारात्मक योगदान की हम अपेक्षा करते हैं.”
उन्होंने कहा, “मैं सरकार की तरफ़ से आश्वस्त करता हूं कि जिस भी मुद्दे पर विपक्ष चर्चा करना चाहेगा, तो सरकार उसका तथ्यात्मक जवाब देने के लिए तैयार है. लेकिन, हम चाहते हैं कि सदन एक सार्थक चर्चा का मंच बनना चाहिए.”
कनाडा: टोरंटो एयरपोर्ट पर हुई विमान दुर्घटना में क्रू समेत सभी यात्री सुरक्षित, एलेक्स स्मिथ/नादिन यूसिफ़, बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, विमान में 80 लोग सवार थे. इनमें 76 यात्री और 4 क्रू मेंबर थे.
कनाडा के टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट पर हुई विमान दुर्घटना में क्रू समेत सभी यात्री सुरक्षित बच गए हैं.
यह जानकारी ग्रेटर टोरंटो एयरपोर्ट्स अथॉरिटी की
चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर डेबोराह फ्लिंट ने दी.
उन्होंने कहा, “हम बहुत सुखद महसूस कर रहे हैं कि किसी यात्री की
जान नहीं गई, और दुर्घटना की तुलना में यात्रियों को छोटी चोटें आई हैं.”
आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक़, इस दुर्घटना में एक
बच्चा और दो वयस्क गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट ने बताया कि डेल्टा
एयरलाइंस का विमान मिनियापोलिस से आ रहा था. विमान में 80 लोग सवार थे. इनमें
76 यात्री और 4 क्रू मेंबर थे. कुल 18 यात्रियों को अस्पताल ले जाया गया.
यूएस फ़ेडरल एविएशन
एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक़, डेल्टा एयरलाइंस का
विमान 4819 लैंडिंग के दौरान स्थानीय समयानुसार दोपहर में लगभग दो बजकर
45 मिनट पर पलट गया.
इस विमान का संचालन डेल्टा एयरलाइंस की
सहायक कंपनी एंडेवर एयर के द्वारा किया जा रहा है.
तेजस्वी यादव ने कहा- जो आज लालू यादव की आलोचना कर रहे हैं, वही भविष्य में उन्हें भारत रत्न देंगे
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इमेज कैप्शन, तेजस्वी यादव
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि जो लोग आज लालू यादव को गालियां दे रहे हैं, वही
लोग एक दिन उनको भारत रत्न देंगे.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने यह बात बिहार के सीतामढ़ी में एक जनसभा को संबोधित
करते हुए कही.
दरअसल, बीते दिनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर आरजेडी
प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने रेलवे पर सवाल उठाए थे.
लालू यादव ने कहा था, “दुखद घटना घटी है. यह रेलवे
की ग़लती है. रेलवे की लापरवाही की वजह से इतने लोगों की मौत हुई है.”
इस दौरान उन्होंने कुंभ को लेकर कहा था, “कुंभ का कहां कोई मतलब है. फ़ालतू है कुंभ” उनके इस बयान को लेकर केंद्र और राज्य में सत्ता पक्ष के नेताओं ने उनकी
आलोचना की थी.
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में उन्हीं नेताओं पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, “जब कर्पूरी ठाकुर जी ने
आरक्षण को लागू किया, तो ये लोग उनको भद्दी गालियां देते थे. आज कर्पूरी जी की
ताकत को देखिए, जो लोग गाली देते थे, उनको भारत रत्न देना पड़ रहा है. ये है
समाजवाद की असली ताक़त.”
उन्होंने कहा, “ये ताक़त है कर्पूरी जी की, आज भी कर्पूरी जी प्रासंगिक हैं,
जो गाली दिया करते थे, वो भारत रत्न दे रहे हैं. लालू जी को गाली देने वालों से भी हम कह
देना चाहते हैं कि आज तो तुम लोग लालू जी को गाली दे रहे हो, लेकिन आने वाले समय
में उनको भी तुम भारत रत्न देने का काम करोगे.”
डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से दोहराई टैरिफ लगाने की बात
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ़ पर बयान दिया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार टैरिफ़ लगाने की बात दोहराई है. इसमें
उन्होंने दुनिया के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाने की बात कही है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “व्यापार के मामले में, मैंने पारदर्शिता के लिहाज़ से यह तय किया है कि मैं
रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाऊंगा. मतलब यह कि जो देश अमेरिका पर जितना टैरिफ़ लगाएगा, हम
उस देश पर उतना टैरिफ़ लगाएंगे. ना कम, ना ज़्यादा.”
ट्रंप ने कहा, ''यह सभी के लिए न्याय संगत होगा. कोई देश इसमें शिकायत नहीं कर सकता है. कुछ
मामलों में अगर किसी देश को ऐसा महसूस होता है कि अमेरिका बहुत ज़्यादा टैरिफ़ लगा
रहा है, तो इसके लिए उस देश को अमेरिका के ख़िलाफ़ लगाए जा रहे टैरिफ़ को कम करना
होगा या हटाना होगा.''
ट्रंप ने लिखा, “अगर आपके उत्पाद
अमेरिका में बनते हैं, तो उस पर कोई टैरिफ़ नहीं लगाया जाएगा.”
दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 फरवरी को एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था, जिसमें रेसिप्रोकल टैरिफ के लिए योजना बनाने
का आदेश दिया गया था.
व्हाइट हाउस की ओर से इस मामले
पर कहा गया था, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निष्पक्ष, मुक्त, पारस्परिक व्यापार के लिए एक योजना की घोषणा की है."
"उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब दूसरे देश की ओर से बहुत ज़्यादा कीमत
वसूले जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा. अमेरिका दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं
में से एक है, फिर भी हमारे व्यापारिक साझेदार अपने बाज़ारों को अमेरिकी
निर्यात के लिए बंद रखते हैं."
फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन के मामले में रूस से क्या कहा
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इमेज कैप्शन, फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने अमेरिका
के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से फोन पर बात की है.
राष्ट्रपति मैक्रों ने लिखा, “हम यूक्रेन में स्थायी शांति चाहते हैं. इसे हासिल करने के लिए रूस
को आक्रामकता छोड़नी होगी. यूक्रेनी लोगों की सुरक्षा के लिए एक मज़बूत और
विश्वसनीय गारंटी देनी होगी.”
उन्होंने लिखा, “अन्यथा इस युद्ध विराम के
मिन्स्क समझौते के समान ख़त्म होने का ख़तरा है. हम एक साथ काम करेंगे. इनमें यूरोपीय,
अमेरिकी और यूक्रेनी लोग शामिल हैं. यही बात अहम है.”
दरअसल, पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक विद्रोहियों और यूक्रेन की सेना के
बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद 2014 में मिन्स्क-1 और 2015 में मिन्स्क-2 समझौता हुआ था.
फ़रवरी 2015 में बेलारूस की राजधानी
मिन्स्क में रूस, यूक्रेन, जर्मनी और फ़्रांस के नेताओं की मौजूदगी में
यह समझौता हुआ. इसके तहत उन इलाकों में शांति बहाल करने के क़दम उठाए जाने थे जिन
पर रूस समर्थक अलगाववादियों ने क़ब्ज़ा कर लिया था.
इससे पहले, यूरोपीय नेताओं से मिलने के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने लिखा, “हम सभी यह मानते हैं कि यूरोपीय लोगों को अपनी
सुरक्षा के लिए साथ मिलकर बेहतर और ज़्यादा निवेश करना
होगा. यह हमारे आज और भविष्य के लिए है.”
क़तर के अमीर पहुँचे भारत, अगवानी में पीएम मोदी ख़ुद एयरपोर्ट गए
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी के साथ क़तर के प्रमुख शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी
क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी सोमवार
रात भारत पहुंचे. नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए भारत के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ख़ुद गए थे.
उन्होंने लिखा, “मेरे भाई क़तर
के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी के स्वागत के लिए एयरपोर्ट गया था. आशा करता
हूं कि उनकी भारत यात्रा सफल रहेगी. मंगलवार को होने वाली मुलाक़ात को लेकर उत्साहित
हूं.”
वहीं, भारत के विदेश मंत्री एस.
जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी भारत यात्रा पर
आए हैं. मुझे भरोसा है कि प्रधानमंत्री मोदी से होने वाली उनकी मुलाक़ात दोनों
देशों की मित्रता को और मज़बूत करेगी.”
भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी 17 से 18 फ़रवरी तक भारत यात्रा पर हैं.
क़तर और भारत के बीच कूटनीतिक रिश्ते 70 के दशक में शुरू हुए थे.
क़तर ने भारत में अपने दूतावास के लिए जनवरी 1973 में पहले चार्ज द
अफ़ेयर्स की नियुक्ति की थी.
मई 1974 में क़तर ने अपना पहला
राजदूत भारत में नियुक्त किया था.