पेरिस जलवायु समझौते पर चीन की मुहर

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चीन ने पेरिस जलवायु समझौते पर मुहर लगा दी है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ का कहना है कि चीन और अमरीका जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले संयुक्त रूप से इसकी मंजूरी की घोषणा करेंगे.

चीन दुनिया का सबसे अधिक कार्बन उत्सर्जन करने वाला देश है. इससे जलवायु परिवर्तन की समस्या पैदा होती है.

जी20 शिखर सम्मेलन चीन के हांगझाऊ में रविवार से शुरू होने वाला है.

दिसंबर 2015 के पेरिस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में इस बात पर सहमित बनी थी कि उत्सर्जन को उस हद तक सीमित रखा जाएगा जिससे तापमान में औसत इज़ाफ़ा दो 2 सेंटीग्रेड से कम रहे.

पेरिस में हुए समझौते में 196 देश शामिल हुए थे.

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पेरिस समझौते को दुनिया का पहला संपूर्ण जलवायु समझौता माना जा रहा है.

हालांकि पेरिस जलवायु समझौता क़ानून तभी बन सकता है जब दुनिया में 55 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन करने वाले सभी देश औपचारिक रूप से इसमें शामिल हो जाएं.

चीन के बाद यदि अमरीका इसमें शामिल होता है तो ये आंकड़ा 40 प्रतिशत तक पहुंचेगा.

दुनिया भर में होने वाले कुल कार्बन उत्सर्जन में चीन का हिस्सा 24 प्रतिशत और अमरीका का 12 प्रतिशत है.

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