कैंपस में सेक्स टॉय लिए क्यों घूम रहे हैं छात्र

अमरीका में टेक्सस यूनिवर्सिटी के करीब 4,500 छात्रों ने कैंपस में बंदूक रखने की इजाज़त देने वाले नए सरकारी कानून के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है.

एक अगस्त से पिस्तौल रखने वाला कानून लागू हो गया है. इसके हिसाब से जिन छात्रों के पास गन रखने का का लाइसेंस है वो कैंपस के अंदर भी गन ला सकते हैं.

छात्रों ने इस कानून के विरोध में सेक्स टॉय के साथ रैली की. कैंपस में सेक्स टॉय रखना गैरकानूनी है.

अभियान दल के सदस्यों को शिकायत है कि कैंपस में पिस्तौल रखना तो कानूनी है लेकिन सेक्स टॉय रखना नहीं.

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<link type="page"><caption> एवरीटाउन फॉर गन सेफ़्टी</caption><url href="http://everytownresearch.org/school-shootings/" platform="highweb"/></link> के अनुसार <link type="page"><caption> 2015 में स्कूलों और विश्वविद्यालयों</caption><url href="http://everytownresearch.org/school-shootings/" platform="highweb"/></link> में गोली चलने के 64 मामले हुए. जबकि 2013 में ऐसा कम से कम 190 बार हुआ.

अभियान की शुरुआत करने वाली जेसिका जिन का मानना है कि अमरीका में लोग बंदूक संस्कृति के आदी हो गए हैं. अमरीका में हुई मास शूटिंग को लोग हफ्ते भर बाद ही भूल गए.

'कॉक्स नॉट ग्लॉक्स' रैली के दौरान जेसिका ने कहा, "हम चाहते हैं कि लोग रुक कर सोचें कि सेक्स टॉय जो कोई हिंसा नहीं करते, उन्हें रखना गलत है तो बंदूक रखने का चलन कैसे सही है."

वे कहती हैं कि यही वजह है कि उन्होंने इस अभियान की शुरुआत की है.

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लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि इसे इतनी लोकप्रियता मिलेगी.

"मुझे नहीं लगता कि केवल इसलिए कि टेक्सस यूनिवर्सिटी के 4,500 छात्रों ने सेक्स टॉय रखना शुरू कर दिया है, इस कानून पर फिर से विचार किया जाएगा."

"रातों-रात बदलाव नहीं आते. लेकिन इससे एक बात ये होगी कि गन कल्चर पर लोग फिर से सोचेंगे."

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