पति से एचआईवी संक्रमण छुपाने की मजबूरी

एचआईवी पीड़ित महिलाएं

दक्षिण अफ्रीका में हज़ारों एचआईवी पीड़ित महिलाएं बीमारी से लड़ने के लिए अपने पति या साथी से छुपकर दवा लेती हैं.

देश में लाखों महिलाएं एचआईवी से पीड़ित हैं.

बीबीसी की कैरन एलन ने जूलिया (बदला हुआ नाम) से बातचीत की और उन्होंने बताया कि वो क्यों वो अपना राज़ कभी ज़ाहिर नहीं करेंगी.

एचआईवी पीड़ित महिलाएं

एचआईवी पॉज़िटिव 42 साल की जूलिया बहुत बीमार हैं. जब जूलिया तीसरी बार मां बनने वाली थीं तो उनका एचआईवी टेस्ट किया गया और वो एचआईवी पॉज़िटिव पाई गईं.

जूलिया की कहानी उन्हीं की ज़ुबानी-

"मैंने ख़ुद से पूछा कि मैं एचआईवी पॉज़िटिव हूं, लेकिन क्यों? मैं शादीशुदा हूं, मैं क्यों पॉज़िटिव हूं?

मैं बेहद दुखी थी और मैं रोने लगी. मुझे अपने पूर्व साथी से एचआईवी संक्रमण मिला. मेरे पति को नहीं पता कि मैं एचआईवी पॉज़िटिव हूं.

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मैंने अपने पति से कहा कि मैं क्लिनिक से आ रही हूं. मुझे हाई ब्लडप्रेशर है. मैंने दवा का पैकेट बदल दिया. मैंने दवाइयों को हाई ब्लडप्रेशर की दवाओें वाले पैकेट में डाल दिया.

मैं अपनी दवाइयां लेती हूं और मेरे पति को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. मैं उसे अपने दराज में एक सुरक्षित जगह पर रखती हूं. किसी को उसके बारे में पता नहीं है.

कोई उसे नहीं छू नहीं सकता, क्योंकि मेरे अंडर गार्मेंट्स का दराज सुरक्षित जगह है. दक्षिण अफ्रीका में एड्स के मरीज़ों को कलंक माना जाता है.

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अगर मेरे पति को इसके बारे में पता चल गया तो वो मुझे तलाक दे देंगे, वो मुझे छोड़ देंगे. अगर आपकी शादी ज़ुलू समुदाय के लड़के से हुई हो तो आप जानते हैं कि वो बहुत ज़िद्दी होते हैं.

यदि मेरे पति कहेंगे कि तुम्हें एचआईवी है, मैं तुम्हें छोड़ दूंगा, तो मैं क्या करूंगी? क्या मैं दोबारा कोशिश करूं? नया लड़का खोजूं, जो मेरी और बच्चों की देखभाल कर सके?

वो मुझसे पूछते हैं कि मैं जब भी तुम्हारे साथ रिश्ता बनाता हूं तो मुझे कॉन्डोम का इस्तेमाल क्यों करना चाहिए.

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मैं कहती हूं कि मुझे और बच्चे नहीं चाहिए, मेरे प्यारे पति.

मेरी बहन की भी मौत एचआईवी एड्स से हुई थी. मैं उसकी बेटी की देखभाल भी करती हूं. मुझे इस राज़ के साथ ही जीना होगा.

मैं इस राज़ को अपने मरते दम तक छिपाऊंगी. मेरे पास बहन की बेटी, मेरी बेटी और दो बेटे हैं और मुझे उनके लिए लंबी उम्र तक जीना है.

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मैं दवाइयां इसी कारण से लेती हूं ताकि मैं लंबी उम्र तक जी सकूं और उनकी देखभाल कर सकूं."

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