कान में सिर्फ़ फ़िल्मी मेला ही नहीं लगता

इमेज स्रोत, Jerome Kelagopian
फ्रांस का कान शहर, यूरोप की फ़िल्मी राजधानी कहा जाता है. यहां का फ़िल्म फ़ेस्टिवल पूरी दुनिया में मशहूर है.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब ये फ़िल्मी मेला ख़त्म हो जाता है तो इस शहर में क्या होता है?
अगर आप जानना चाहते हैं कि बारह दिन के फ़िल्म फ़ेस्टिवल के अलावा कान में क्या होता है, तो आपको बता दें कि फ़िल्म फ़ेस्टिवल के सिवा भी यहां बहुत कुछ है. कान आज फ्रांस का बड़ा टूरिस्ट स्पॉट है. यहां कारोबारी मेले लगते हैं. सम्मेलन होते हैं.

इमेज स्रोत, Fabre
कान में जो फ़िल्मी मेला लगता है, उसमें दुनिया भर से क़रीब तीस हज़ार लोग आते हैं. बारह दिनों के इस मेले के बाद जब वो चले जाते हैं, तो भी शहर गुलज़ार रहता है.
यहां हर साल क़रीब बीस लाख सैलानी आते हैं. इनमें से 55 फ़ीसद विदेशी होते हैं. जर्मनी से आकर कान में रहने वाले कारोबारी वेरेना कुन्ह कहते हैं कि यहां के बुनियादी ढांचे का कई तरह से इस्तेमाल होता है.
हालांकि हर साल कान के फ़िल्म फ़ेस्टिवल, रेड कार्पेट पर चलने वाले सितारों, उनके कपड़ों और फ़िल्मों की चर्चा ज़्यादा होती है. फ़िल्म फ़ेस्टिवल के लिए बने पैलेस डे फ़ेस्टिवल में संगीत के कारोबारियों का भी सम्मेलन होता है और टीवी शो के निर्माताओं का भी. इसके अलावा यहां कान लायन्स एडवर्टाइज़िंग फ़ेस्टिवल भी होता है. इस बार इसमें 13 हज़ार 500 लोगों ने शिरकत की. अब सितंबर में यहां याटिंग फ़ेस्टिवल होने वाला है. इसमें 45 हज़ार से ज़्यादा लोगों के आने की उम्मीद है.
अभी हाल ही में कान के पैलेस डे फ़ेस्टिवल के ऑडिटोरियम को क़रीब सवा दो करोड़ यूरो की मदद से नए सिरे से बनाया गया है. समंदर किनारे बने इस ऑडिटोरियम में 2300 नई सीट लगाई गई हैं. यहां बैठकर समंदर का नज़ारा लिया जा सकता है.

इमेज स्रोत, Fabre
आयरलैंड के कारोबारी शैरन फरेन कहते हैं कि कान, दुनिया का मछली मारने का अड्डा है. यहां रहने वाले तमाम लोग अपनी-अपनी तरह से इसकी तरक़्क़ी में साझीदारी करते हैं.
2018 में यहां कुछ और कन्वेंशन सेंटर, यूनिवर्सिटी कैंपस और कारोबार के ठिकाने तैयार हो जाएंगे. इसके अलावा यहां पर संगीत के शौक़ीनों के मेले के लिए भी नया ठिकाना बनाया गया है. आवाज़ के कारोबारी भी यहां जमा होकर नई तकनीक के बारे में चर्चा करते हैं.
यहां पर दुनिया का सबसे आधुनिक सिनेमाघर बनना भी शुरू हो गया है. जिसमें 12 स्क्रीन होंगी. शानदार डॉल्बी साउंड होगा. इसमें वीआईपी लोगों के बैठने की अलग जगह होगी. साथ ही खाने-पीने के लिए चार रेस्टोरेंट भी होंगे.
नॉर्वे से आकर कान में बसीं विवी एन एंडरसन कहती हैं कि यहां ज़िंदगी आराम से, ख़रामा-ख़रामा चलती है. अगर आप तेज़ रफ़्तार के शौक़ीन हैं, तो भी यहां आकर आराम से ज़िंदगी बसर करने की आपको आदत हो जाएगी. भयंकर ठंड में भी यहां समंदर किनारे जाकर काम किया जा सकता है.

इमेज स्रोत, Jerome Kelagopian
कान शहर समंदर किनारे बसा है. इसका यहां के लोग ख़ूब लुत्फ़ उठाते हैं. वो सुबह का नाश्ता खुले आसमान तले करते हैं. दोपहर में वो स्कीइंग के लिए पास के रिजॉर्ट में चले जाते हैं. पास के जंगलों में टहलने का भी यहां आसानी से मज़ा लिया जा सकता है.
मशहूर शेफ़ क्रिश्चियन सिनीक्रोपी कहते हैं कि यहां शांति है, क़ुदरती माहौल है. मौसम अच्छा है. यहां आपका झुकाव अध्यात्म की तरफ़ भी हो सकता है.
पास के मठ में रहने वाले भिक्षु अपनी ख़ुद की वाइन तैयार करते हैं. वो अपने लिए जैतून का तेल भी निकालते हैं. इसे वो बाज़ार में भी बेच लेते हैं.

इमेज स्रोत, Perreard
ब्रिटेन से आकर यहां बसने वाले लिज़ ऑकलैंड कहते हैं कि यहां के लोग बड़े दोस्ताना हैं. आप उनके काम में दखल न दें तो आप क्या कर रहे हैं इससे उन्हें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता.
कान का सबसे क़रीबी हवाई अड्डा है नाइस. ये पेरिस के बाद फ्रांस का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है. यहां से क़रीब 50 मिनट की शटल से कान पहुंचा जा सकता है. ये शटल हर आधे घंटे में चलती हैं. इनका किराया 22 यूरो या 25 डॉलर है. या फिर नाइस से ट्रेन के ज़रिए भी कान पहुंचा जा सकता है. इसका किराया आठ से बारह डॉलर के बीच है. जो ख़ुद के हवाई जहाज़ से चलते हैं, उनके लिए एक छोटा एयरपोर्ट भी यहां है.
यहां ठहरने के लिए एक से एक होटल हैं. अगर आप फ़िल्म फ़ेस्टिवल के ठिकाने क्रोसा के क़रीब रुकना चाहते हैं, तो इंटरनेशनल कार्लटन है. यहां की बाल्कनी में ख़ूब धूप आती है. पैसे हों तो ये होटल आपको प्राइवेट बीच भी मुहैया कराता है. इसके अलावा ला कैनबरा होटल भी थोड़ी दूर पर है. रैडिसन ब्लू और थालासो नाम के होटल भी क़रीब ही हैं.

इमेज स्रोत, Fabre
यहां पर पांच सौ रेस्टोरेंट और कैफ़े हैं, जो आपकी भूख-प्यास को हर तरह से बुझाने को तैयार रहते हैं. इनमें फ्रेंच, ब्रिटिश और इटैलियन - हर तरह का खाना मिल जाता है.
कान जाएं तो शहर के पुराने हिस्से को देखना बिल्कुल न भूलें. फिर यहां के पुराने विला भी ज़रूर देखें, जिनके बाग़ीचे शानदार हैं. यहां आप चाहें तो रुक भी सकते हैं.
कान के पास ही स्थित है स्टे-मार्गेराइट नाम का छोटा सा द्वीप. एकदम एकांत चाहते हैं तो नाव से वहां भी जा सकते हैं. यहां एक पुराना क़िला है, जिसमें पानी के भीतर बनी कलाकृतियां आपको देखने को मिल सकती हैं.
कुल मिलाकर कान शहर बेहद ग्लैमरस है. यहां कभी भी जाया जा सकता है. उसके लिए फ़िल्म फ़ेस्टिवल का व्यस्त सीज़न ज़रूरी नहीं. यहां आप ख़रीदारी और अच्छे कपड़े पहनने का भी लुत्फ़ ले सकते हैं. कई नए और नामी-गिरामी लोगों से आपकी मुलाक़ात यहां हो सकती है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)












