हिंदू दंपति ने शुरू की है शरिया एयरलाइन

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    • Author, विनीत खरे
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली से

मलेशिया में पहली ऐसी एयरलाइन शुरू की गई है जो शरिया का पालन करती है. दिलचस्प ये है कि इसे हिंदू दंपति रवि अलगेंद्रन और कार्थियानी गोविंदन ने शुरू किया है.

एयरलाइन का नाम 'रायानी एयर' रखा गया है. इसे हाल ही में 20 दिसंबर को शुरू किया गया है. रवि और कार्थियानी का ताल्लुक भारत के तमिलनाडु से है.

रवि के दादा 1930 के दशक में तमिलनाडु के पोन्नामोरादी से मलेशिया पहुंचे थे. उनकी पैदाइश क्वालालंपुर की है. उनका विमान ख़रीदने और बेचने का व्यापार है लेकिन वो एक एयरलाइन शुरू करना चाहते थे.

वहीं उनकी पत्नी कार्तियानी पूर्व बैंकर हैं.

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रायानी एयर को ऐसे समय में शुरू किया गया है जब यूक्रेन में <link type="page"><caption> एमएच17</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2015/07/150729_mh17_russian_veto_aa.shtml" platform="highweb"/></link> विमान हादसे और <link type="page"><caption> एमएच370</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2015/07/150730_mh370_boeing_malaysia_wreckage_found_ac.shtml" platform="highweb"/></link> के ग़ायब हो जाने के कारण मलेशिया में एयरलाइन कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इसे वापस पटरी पर लाने की कोशिशें हो रही हैं.

लेकिन शरिया का पालन करने वाली एयरलाइन का विचार कहां से आया?

मलेशिया से टेलीफ़ोन पर रवि ने बीबीसी को बताया, “मैंने और मेरी पत्नी ने सोचा कि हमें कुछ अलग करना चाहिए. रायानी एयर में सभी धर्म, मलय, हिंदुस्तानी, चीनी, हर मूल के लोग हैं. हमें इस सपने को पूरा करने में दो साल लगे. हमें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है.”

वो कहते हैं, “हमने इस व्यापार की शुरुआत ऐसे वक्त में की है जब मलेशिया की एयरलाइन इंडस्ट्री दुखांत घटनाओं से हुए नुक़सान से गुज़र रही है. लेकिन हमें उम्मीद है कि बुरा वक्त ग़ुज़र जाएगा.”

रवि ने बताया कि मलेशिया में विभिन्न समुदाय, धर्म के लोग रहते हैं और उनका अपना धर्म कभी भी रायानी एयर शुरु करने के रास्ते में बाधा नहीं बना.

वो कहते हैं, “रायानी एयर शरिया का पालन करने वाली एयरलाइन है. लेकिन इसमें सभी तरह के लोग यात्रा कर सकते हैं.”

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तो शरिया का पालन करने वाली एयरलाइन का मतलब क्या हुआ?

अगर विमान में महिला केबिन कर्मचारी मुसलमान है तो उन्हें हिजाब पहनना होगा, सही तरीके से ड्रेस होना होगा. महिलाएं शॉर्ट स्कर्ट नहीं पहन सकतीं. टेक-ऑफ़ से पहले और लैंडिंग के बाद इस्लामी तरीके से प्रार्थना की जाएगी. विमान पर हलाल खाना दिया जाएगा और सूअर का गोश्त और मदिरा नहीं परोसी जाएगी.

ब्रूनई, सऊदी अरब और ईरान में भी शरिया का पालन करने वाली एयरलाइन हैं, लेकिन रायानी मलेशिया की ऐसी पहले एयरलाइऩ है.

रायानी एयर में केबिन क्रू के तौर पर काम कर रहे केलविंदर सिंह मलेशिया के पेनांग के रहने वाले हैं लेकिन उनका ताल्लुक पंजाब से है.

वे अपना अनुभव बताते हैं, “यहां काम करने का अनुभव बहुत अच्छा है. हम एक साथ काम करते हैं. मुसलमान फ़्लाइट के टेकआफ़ के पहले और लैंडिग के बाद प्रार्थना करते हैं. हम वो नहीं करते. हम उस वक्त बैठे रहते हैं.”

रायानी एयर में काम करने वाली कीर्ताना गुनशेखरन बताती हैं कि काम के दौरान सही कपड़े का अर्थ है कि आप कैज़ुअल कपड़े नहीं पहन सकते.

वो बताती हैं, “हमें लांग स्लीव वाली शर्ट, लांग पैंट, लांग स्कर्ट पहननी होती है.”

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कंपनी की शुरुआत 2014 में हुई और शुरुआत में कंपनी को चार्टर्ड फ़्लाइट्स उड़ाने की मंजूरी मिली. लेकिन रवि शेड्यूल्ड कैरियर की शुरुआत करना चाहते थे.

‘रायानी एयर’ नाम रवि और उनकी पत्नी कार्तियानी के नाम से प्रेरित है. कंपनी 20 दिसंबर से क्वालालंपुर-लंकावी, क्वालालंपुर-कोटा बाहरू के बीच दो फ़्लाइट चला रही है.

वर्ष 2017 में कंपनी के विस्तार की योजना है.

रवि बताते हैं, “अभी हमारे पास दो विमान हैं. अप्रैल तक हम दो और विमान ला रहे हैं. जून 2017 तक हम इसे भारत लाने की कोशिश करेंगे.”

भारत से अपने ताल्लुक पर रवि बताते हैं, “मैं तीन या चार बार भारत प्रार्थना के लिए आता हूं. भविष्य में हम त्रिची तक उड़ान भरना चाहेंगे. उसके लिए हमें सरकारी स्वीकृति की ज़रूरत पड़ेगी.”

रवि का कहना है कि शरिया के मुताबिक कंपनी चलाना मलेशिया के लिए नई बात नहीं है.

वो कहते हैं, “अगर आप वित्तीय संस्थाओं को देखें तो व्यावसायिक सेवाएं और इस्लामी सेवाएं हैं. हम दोनों ही काम करते हैं.”

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