पोप के सलाहकार बन सकते हैं गवाह

पोप फ़्रांसिस

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गुप्त दस्तावेज़ लीक करने के मामले में पाँच लोगों पर सुनवाई कर रहे वैटिकन के एक जज पोप फ़्रांसिस के शीर्ष सलाहकारों को बचाव पक्ष के गवाह बनाने पर सहमत हो गए हैं.

जिन अधिकारियों को सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है उनमें पोप के विदेश मंत्री पीएट्रो पैरोलीन भी शामिल हैं.

जिन पर मुक़दमा चल रहा है उनमें दो पत्रकार और पोप आयोग के तीन सदस्य शामिल हैं.

अभियुक्त पत्रकारों ने लीक किए गए दस्तावेज़ों के आधार पर किताबें लिखीं थीं जिनमें वैटिकन में वित्तीय गड़बड़ियां सार्वजनिक की गईं थीं.

दो इतालवी पत्रकारों के साथ-साथ स्पेन के पादरी मोनसिगनोर एंजेलो लूसियो वालेहो बाल्डा और उनके सचिव निकोला मायो और इतालवी जनसंपर्क विशेषज्ञ फ़्रांसेस्का चाओकुई पर भी मामला चलाया जा रहा है.

मोनसिगमोर और चाओकुई दो साल पहले वैटिकन में वित्तीय गड़बड़ियां पकड़ने के लिए पोप की ओर से गठित आयोग में शामिल थे.

इतालवी पत्रकार फिटिपाल्दी

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पादरी का कहना है कि चाओकुई ने उन पर दस्तावेज़ लीक करने का दबाव बनाया था.

उन्होंने कहा कि चाओकुई उन्हें एक होटल के कमरे में ले गईं थीं.

चाओकुई सभी आरोपों को नकारती हैं.

उनका कहना है कि वो पोप फ़्रांसिस के हितों को ध्यान में रखकर ही सबकुछ कर रहीं थीं.

पारौलीन को सुनवाई के लिए बुलाने का फ़ैसला उन्हीं की गुज़ारिश पर किया गया है.

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