'कैलिफ़ोर्निया में गोलीबारी चरमपंथी हरकत'

हथियार

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अमरीकी एजेंसी एफ़बीआई ने कहा है कि कैलिफ़ोर्निया के सैन बर्नारडिनो में हुई गोलीबारी को चरमपंथी घटना मानकर जांच-पड़ताल की जा रही है.

इससे पहले अमरीकी मीडिया की ख़बरों में कहा गया कि कैलिफ़ोर्निया के हमले में शामिल तशफ़ीन मलिक ने फ़ेसबुक पर चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के प्रति वफ़ादारी जताई थी.

तशफ़ीन ने फ़ेसबुक पर किसी और नाम से अकाउंट बनाया था जिस पर उसने इससे जुड़ा एक पोस्ट डाला था.

तशफ़ीन को अमरीका का वीज़ा पाकिस्तान से मिला था और वो 'पाकिस्तानी नागरिक थीं'.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर एक सवाल के जवाब में कहा कि तशफ़ीन को 'के-1' वीज़ा या मंगेतर वीज़ा पाकिस्तान में जारी हुआ था.

पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि अमरीका ने इस महिला की पहचान को लेकर उनसे कोई संपर्क नहीं किया है और वो इस बारे में सूचनाएं इकट्ठा कर रहे हैं.

कैलिफ़ोर्निया में बुधवार को हुए हमले में 14 लोग मारे गए थे जबकि 21 घायल हुए थे. पुलिस ने हमले में दो लोगों के शामिल होने की बात कही थी.

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वॉशिंगटन में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान प्रवक्ता टोनर ने कहा, ''मैं यह पुष्टि कर सकता हूं कि वर्ष 2012 में उन्हें (तशफ़ीन मलिक को) के-1 यानी कथित फ़ियांसी वीज़ा जारी हुआ या मिला था. हम निश्चित ही ये तारीख आपको बताएंगे. अभी यह जानकारी मेरे पास नहीं है लेकिन यह उन्हें पाकिस्तान से ही मिला था, जिसकी वजह से वे अमरीका आ पाईं.''

जब मीडिया ने पाकिस्तान के नाम पर उनसे दोबारा सवाल किया तो उनका कहना था, ''जहां तक मेरी जानकारी है, यह सही है.''

यह पूछे जाने पर कि क्या वह उस वक़्त पाकिस्तान में रह रही थीं या सऊदी अरब में या उन्हें यह वीज़ा पाकिस्तान नागरिक के बतौर मिला था? इस पर टोनर का जवाब था कि वह नहीं जानते कि यह महिला सऊदी अरब गईं थी या नहीं. हालांकि उन्होंने उनके पाकिस्तानी नागरिक होने की फिर से पुष्टि की.

रिज़वान फ़ारूक के बारे में अधिकारी पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि वह अमेरिका में जन्मे थे और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग में पांच साल से कार्यरत थे.

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एफ़बीआई के मुताबिक़ अभी तक 28 वर्षीय सैयद रिज़वान फारूक और उनकी 27 वर्षीय साथी तशफ़ीन के हमले का मक़सद पता नहीं चला है. एफ़बीआई ने अभी आतंकवाद की आशंका को ख़ारिज नहीं किया है.

पुलिस ने इस जोड़े के घर से बड़ी तादाद में हथियार बरामद किए हैं और उनका कहना है कि ये हथियार 'एक सीमित पैमाने पर युद्ध छेड़ने के लिए पर्याप्त थे.'

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कैलिफ़ोर्निया पुलिस के मुताबिक़ रिज़वान फ़ारूक और उनकी मंगेतर तशफ़ीन ने बुधवार को मानसिक विकलांगता और रोगों से ग्रस्त लोगों की मदद के लिए बने केंद्र में एक समारोह के दौरान फ़ायरिंग की थी जिसमें 14 लोग मारे गए थे और 21 घायल हुए थे. गोलीबारी के दौरान केंद्र में 75 से 80 लोग मौजूद थे.

दोनों हमलावर कुछ घंटे बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे और दो पुलिसकर्मी ज़ख़्मी हुए थे.

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