ट्रांसजेंडर महिला, 12 हफ़्ते, 600 पुरुष क़ैदी

तारा हडसन

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ब्रिटेन में एक ट्रांसजेंडर महिला की पुरुषों की जेल से हटाने की अपील ख़ारिज हो गई है.

बाथ की 26 वर्षीय टारा हडसन को पुरुषों की एचएमपी ब्रिस्टल जेल में 12 हफ़्ते के लिए रखा गया है, जहां 600 पुरुष कैदी हैं.

यह मामला जल्द ही एक अभियान में बदल गया और हज़ारों लोग उन्हें पुरुष जेल से बाहर निकालने की मांग करने लगे.

ब्रिस्टल की रिकॉर्डर, लेवेलिन सेलिक, ने कहा कि हडसन का 'चिंताजनक आपराधिक रिकॉर्ड' है जिसमें 'कई जुर्म' शामिल हैं.

तारा हडसन समर्थक

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टारा को पुरुषों की जेल से स्थानांतरित किए जाने की याचिका पर 1,40,000 हज़ार लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं, उनका कहना है कि उसे (टारा) को ऐसी जेल में बंद किया गया है जहां यौन हिंसा का ख़तरा है.

टारा सर्जरी करवाकर महिला बनी हैं और पूरी वयस्क ज़िंदगी महिला के रूप में ही रही हैं लेकिन कानूनन वह अब भी आदमी ही हैं.

दरअसल 'ब्रिटेन की कानूनी पहचान के अनुसार' कैदियों को उनके लिंग के अनुरूप जेल में ही रखा जाता है.

इस कानून के अनुसार समान्यतः लैंगिक पहचान वही होती है जो बर्थ सर्टिफ़िकेट में होती है.

टारा हडसन

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पिछले हफ़्ते मेक-अप आर्टिस्ट टारा के यह स्वीकार करने के बाद जेल में डाल दिया गया था कि उन्होंने एक बारमैन को सर से टक्कर मार दी थी जिससे उसके दांत टूट गए थे.

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