अमरीका के आश्वासन से सऊदी अरब ख़ुश

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सऊदी अरब ने कहा है कि वो अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के इस आश्वासन से ख़ुश है कि ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से खाड़ी देशों की सुरक्षा ख़तरे में नहीं पड़ेगी.
वॉशिंगटन में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और सऊदी शाह सलमान की मुलाक़ात के बाद सऊदी विदेश मंत्री आदेल-अल-जुबेर ने ये बात कही.
उन्होंने कहा है कि सऊदी अरब इस बात से संतुष्ट है कि समझौते से मध्यपूर्व की सुरक्षा और स्थिरता में सुधार आएगा.
अल-जुबेर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान प्रतिबंध हटने से आने वाले पैसे का इस्तेमाल अपने विकास के लिए करेगा न कि क्षेत्र में 'खुराफ़ाती गतिविधियां' बढ़ाने में.
सऊदी अरब का डर
माना जाता है कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई को लेकर ओबामा की अनिच्छा भी सऊदी अरब और अमरीका के रिश्ते में कड़वाहट की वजह है.
इसके अलावा, सऊदी अरब ईरान के साथ अमरीका समेत छह देशों के परमाणु समझौते से भी ख़ुश नरहीं रहा है. उसे डर है कि इस समझौते के कारण ईरान अंततः परमाणु हथियार हासिल कर लेगा.

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मई में अमरीका के कैंप डेविड में खाड़ी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और अमरीकी राष्ट्रपति की बैठक में शाह सलमान नहीं गए थे.
इसे अमरीका को सऊदी अरब की 'घुड़की' के रूप में देखा गया था.
ओबामा प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित करने का आश्वासन देता रहा है कि ईरान परमाणु समझौते के तहत किए अपने वादों पर टिका रहे.
अमरीका ने यह भी कहा है कि वह ईरान की मध्य पूर्व में 'स्थिरता को ख़तरा पहुँचाने वाली गतिविधियों' को रोकने के लिए भी हर संभव प्रयास करेगा.
परमाणु समझौते के बाद ईरान के सील किए गए खाते खुल जाएंगे और उसे अपनी 56 अरब डॉलर की संपत्तियां फिर से मिल जाएंगी.
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