लुप्त हुआ जीव ब्रिटेन में फिर मिला

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ब्रिटिश आईल्स में पाए जाने वाली पोल कैट (रीछ और उदबिलाव से संबंधित प्रजाति का जीव) लुप्तप्राय हो चुका था, लेकिन इस साल फ़रवरी में उसके अस्तित्व के संकेत फिर से मिले हैं.
ब्रिटिश आईल्स उन लगभग 6000 द्वीपों का समूह है जिनमें ब्रिटेन, आयरलैंड भी शामिल हैं.
पोल कैट नाम फ्रांसीसी पाउल कैट या चिकेन कैट से निकला है क्योंकि ये स्थानीय मुर्गी का शिकार करने के लिए जानी जाती है.
पोल कैट अंडे देने वाली मुर्गियों का शिकार करती है और इसीलिए पोल कैट पर इंसानों ने इतना उत्पीड़न किया कि ये प्रजाति लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई.
यही कारण था कि इस प्रजाति के कुछ जीव वेल्स के पर्वतीय और घाटी के इलाकों में चले गए.
बीसवीं शताब्दी की शुरुआत के साथ ही पोल कैट ब्रिटेन की दुर्लभ प्रजाति के जीवों में शुमार हो गया था.
ऐसे में पोलकैट की वापसी को लोग और प्रकृति विशेषज्ञ अचरज के तौर पर देख रहे हैं.
ख़ास गंध वाली बिलाव
1960 के दशक से मरे हुए पोलकैट इंग्लैंड और वेल्स की सीमा की सड़कों पर दिखाई देने लगे थे.

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उस समय इसे नेवला प्रजाति का जीव माना गया था. कुछ लोग ये भी मान रहे थे कि पोल कैट और नेवला का हाइब्रिड जीव अस्तित्व में आया है. लेकिन इसके रोएं और स्कल की जांच से पता चला के ये वास्तव में पोल कैट हैं.
तब तक पोल कैट के उन्मूलन का अभियान भी थम गया था, ऐसे में धीरे धीरे इंग्लैंड के दक्षिणी और मध्य हिस्से में पोल कैट पाए जाने लगे. बाद में वे उत्तरी और पूर्वी हिस्से में भी पाए जाने लगे.
पोल कैट रात में शिकार करने को निकलते और दिन में बाहर न निकलने के कारण वो आम तौर पर दिखाई नहीं देते हैं.
इसीलिए जब सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं, तभी पोल कैट की मौजूदगी दर्ज होती है. जाड़े के महीने में वे कहीं ज्यादा हादसे की चपेट में आते हैं.
पोल कैट अमूमन मई महीने में बच्चे को जन्म देते हैं और इनका भोजन मेढ़क, चिड़िया, चूहे और खरगोश होते हैं. पोल कैट इस दौरान अपने बच्चे का ख़ास ख्याल रखते हैं.
वैसे पोल कैट के बारे में एक ख़ास बात है जो कम प्रचलित है- उसकी गुदा ग्रंथियों से कस्तुरी जैसी गंध निकलती है, इसके चलते इसे गंध बिलाव भी कहते हैं.
<italic><bold> अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/earth/story/20150211-the-polecat-comeback" platform="highweb"/></link> यहां पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी अर्थ</caption><url href="http://www.bbc.com/earth" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>
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